कार्रवाई में सिफर एसओ नपे
-बच्चों के विवाद में विहिप नेता के साथ दबंगों ने की थी मारपीट
-जांच पड़ताल के बाद पुलिस कप्तान ने एसओ को किया लाइन हाजिर
फोटो नं-38, कुंड्रावी गांव में घटना की जांच-पड़ताल करते डीएम-एसपी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। विहिप नेता के साथ मारपीट के बवाल में कार्रवाई में सिफर रहना पइंसा एसओ को महंगा पड़ा। शनिवार को समाधान दिवस में डीएम के साथ थाने गए एसपी ने कार्रवाई में फिसड्डी एसओ को लाइन हाजिर कर दिया। इससे महकमे में हड़कंप मचा है।
बताते चलें कि पइंसा थाना क्षेत्र के कुंड्रावी गांव निवासी अशोक कुमार उर्फ तपसी मौर्या विहिप के जिला उपाध्यक्ष हैं। पड़ोसी लालचंद्र सोनकर से उनका वर्षों पुराना विवाद चल रहा है। वृहस्पतिवार दोपहर उनकी बेटी रूबी व लालचंद्र की पुत्री के बीच एक-दूसरे पर छींटाकशी करने को लेकर विवाद हो गया। बात बढ़ने पर दोनों के परिवार के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते लाठियां चटकने लगीं। मारपीट की इस घटना में विहिप नेता अशोक उनका बेटा संजय तथा बेटी रूबी व दूसरे पक्ष से लालचंद्र के साथ ही बहन चंदा सोनकर, मनजीत, भयाहू तुलसी देवी तथा राजू समेत चार लोग जख्मी हो गए थे। अफसरों के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार को पुलिस ने अशोक तपसी के साथ मंजीत सोनकर की तहरीर पर हमलावरों के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज किया पर हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। शनिवार को समाधान दिवस में पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई में सिफर एसओ राकेश गौतम को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस कप्तान प्रदीप गुप्ता ने बताया कि एसओ कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया था। कानून-व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर संबंधित एसओ पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले डीएम मनीषकुमार वर्मा के साथ एसपी ने गांव पहुंचकर घटना की जांच-पड़ताल भी की। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात करने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा है।