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सीबीआई ने खंगाला खनन विभाग, लिपिक से पूछताछ

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सीबीआई ने कौशाम्बी में डाला डेरा, खनन लिपिक से पूछताछ
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-रिट दाखिल करने वाले को भी कैंप कार्यालय में बुलाकर किया सवाल-जवाब
-तीसरी बार सीबीआई टीम के आने से बालू कारोबारियों में हड़कंप का माहौल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अवैध बालू खनन की जांच के लिए दोबारा आ धमकी है। मंगलवार को खनन विभाग पहुंची टीम के सदस्यों ने अभिलेख कब्जे में लेने के बाद लिपिक धारा यादव को तलब कर पूछताछ की। इसके अलावा रिट दाखिल करने वाले से भी सवाल-जवाब किए। कारोबारी सुशील केसरवानी उर्फ गोलू से भी पूछताछ की गई। सीबीआई टीम के आने से बालू कारोबारियों की नींद उड़ गई है।
आरोप है कि सपा सरकार में अवैध तरीके से बालू खनन हुआ था। बिना पट्टा वाले घाटों से भी बालू की निकासी हुई थी। इस मामले में अमर सिंह नामक एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर रखी थी। हाईकोर्ट ने अवैध खनन की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआई ने खनन निरीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। साल भर पहले भी सीबीआई ने यहां के बालू कारोबारियों से लंबी पूछताछ की थी। दो माह पहले भी सीबीआई ने इन कारोबारियाें से सवाल-जवाब किए थे। हमीरपुर आदि जिलों की जांच के बाद अब सीबीआई टीम दोबारा कौशाम्बी आई है। मंगलवार को सीबीआई टीम खनन विभाग पहुंची। टीम के सदस्यों ने जांच के लिए संबंधित अभिलेख लिए। इसके बाद पूछताछ के लिए लिपिक धारा यादव को कैंप कार्यालय बुलाया। धारा यादव के साथ रिट दाखिल करने वाले अमर सिंह से भी टीम ने पूछताछ की। इसके अलावा कारोबारी सुशील केशरवानी उर्फ गोलू से भी कुछ जानकारी ली।
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सिंडीकेट के बारे में ली जानकारी
सपा सरकार में सिंडीकेट ने अवैध तरीके से बालू खनन कराया था। सिंडीकेट इतना ताकतवर था कि प्रशासन को भी उसने बौना साबित कर दिया था। बालू खनन के सारे नियम ताक पर रख दिए थे। बिना पट्टा के घाटों पर जेसीबी से बालू की निकासी कराई गई थी। इसी सिंडीकेट के बारे में कैंप कार्यालय बुलाए गए लोगों से सवाल-जवाब किए गए। सिंडीकेट में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसको भी जानने की कोशिश टीम ने की।
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पंजाब और राजस्थान के मैनेजरों की बढ़ सकती है मुश्किल
सिंडीकेट का काम पंजाब व राजस्थान के दो मैनेजर देखते थे। इन मैनेजरों ने अपने तरीके से घाटों को संचालित कराया था और बालू की निकासी करवाई थी। रवन्ना जारी कराने से लेकर बालू की निकासी में इनकी भूमिका थी। इन मैनेजरों की जानकारी जुटाने के बाद सीबीआई इनसे भी पूछताछ करने की कोशिश में है।
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क्या कहते हैं अफसर
सीबीआई टीम जांच के लिए आई है। वर्ष 2016 तक हुए खनन के अभिलेख मांगे गए हैं। अभिलेखों की छायाप्रति उनको जांच के लिए उपलब्ध करा दी गई है। टीम अपने तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रशासन इसमें पूरा सहयोग कर रहा है।
मनीष कुमार वर्मा
जिलाधिकारी
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