विभिन्न अदालतों ने मंगलवार को मारपीट के 11 मामलों के 19 आरोपियों के जुर्म कुबूल करने पर अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। सभी मामले जिले के अलग-अलग कोतवाली क्षेत्रों में दर्ज कराए गए थे।
पिपरी कोतवाली पुलिस ने वर्ष 1988 में असरावल निवासी मझले के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था। 36 वर्ष बीतने के बाद भी पुलिस आरोपी के खिलाफ गवाह पेश नहीं कर सकी। इससे आजिज आकर आरोपी ने मंगलवार को जेएम मनीषा चौधरी की अदालत में अपना जुर्म कुबूल करके सजा सुनाने की अपील की। इस पर कोर्ट ने आरोपी को दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।
इसी तरह से पुलिस ने पश्चिमशरीरा कोतवाली के डहरई निवासी घनश्याम पासी, लल्लू व झउवानी के खिलाफ वर्ष 2009 में तथा उग्रसेनपुर निवासी महेश के खिलाफ वर्ष 2007 में मारपीट का मुकदमा दर्ज किया था। इन तीनों को सीजेएसडी एफटीसी मेघा अग्रवाल की कोर्ट ने अपना जुर्म कुबूल करने पर 500-500 रुपया के अर्थदंड से दंडित किया।
पश्चिमशरीरा कोतवाली के दानपुर निवासी अंतराम के खिलाफ वर्ष 2018 में, देवरी निवासी दशरथ पासी व संवरिया के खिलाफ वर्ष 2012 में पुलिस ने मारपीट का मुकदमा कायम कराया था। इन तीनों आरोपियों को जुर्म कुबूल करने पर सीजेएसडी एफटीसी ने 800-800 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
चरवा कोतवाली के सैयदसरांवा निवासी शैलेंद्र व विनोद के खिलाफ वर्ष 2021 में दर्ज मुकदमे में जुर्म कुबूल करने पर 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। करारी कोतवाली के हिसामपुर निवासी मादी व पुक्कीलाल के खिलाफ वर्ष 2007 में दर्ज मुकदमे में सीजेजेडी एफटीसी प्रथम फरहा नाज परवीन ने एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
इसी अदालत ने करारी कोतवाली के अमीनपुर संवरो निवासी असलम के खिलाफ वर्ष 2013 के मामले में दो हजार रुपये तथा रक्सवारा निवासी पारसनाथ के खिलाफ वर्ष 2013 के मामले में दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसी तरह से कोखराज कोतवाली के आलमचंद्र निवासी अजय व विजय के खिलाफ वर्ष 1994 में दर्ज मारपीट के मुकदमे में जुर्म कुबूल करने पर सीजेएम दीपक कुमार जायसवाल ने 2700-2700 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अदालत ने अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर दोषियों को दस-दस दिन के अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया तो मंगलवार की शाम तक सभी 19 आरोपियों ने आदेशित धनराशि जमा करा दी है।