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:हरिओम की प्रेरणा से पर्यावरण संरक्षण को एकजुट हुए 18,610 शिक्षक

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शिक्षक हरिओम सिंह।
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चायल। तहसील के कंपोजिट विद्यालय पेरई में तैनात पर्यावरण प्रेमी शिक्षक हरिओम सिंह ने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में राज्य पुरस्कार अर्जित किया है, बल्कि इको फ्रेंडली बर्ड एंड नेचर प्रोटेक्शन कैंपेन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व योगदान दिया है। इनकी मुहिम में प्रदेश के 18,610 शिक्षक एकजुट होकर कर पर्यावरण संरक्षण पर काम कर रहे हैं।
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कोविड काल के दौरान हरिओम सिंह की ओर से शुरू की गई इको फ्रेंडली बर्ड एंड नेचर प्रोटेक्शन की मुहिम में प्रदेश भर के शिक्षक पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ के तने पर रेड रिबन बांध कर उसकी सुरक्षा का संकल्प ले रहे हैं। इनकी टीम पौधरोपण, गौरैया संरक्षण, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ निःस्वार्थ सेवा भाव से काम कर रही है।
वृक्ष आपके द्वार अभियान के तहत पेरई परिषदीय विद्यालय के छात्र-छात्राएं 4,135 पौधों का रोपण कर चुके हैं। इस अभियान में प्रदेश भर के शिक्षक जुड़े हैं। इनके प्रोजेक्ट बेस्ड शिक्षा में बच्चों को जल संरक्षण और जैव विविधता जैसे विषयों पर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।
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प्रदेश स्तरीय आयोजित की जा रही कार्यशालाएं
पर्यावरण संरक्षण अभियान को गति देने के लिए राजकीय इंटर कालेज मथुरा के प्रधानाचार्य डाॅ. अखिलेश यादव के सहयोग से प्रदेश स्तरीय दो कार्यशाला का आयोजन किया जा चुका है। इस मुहिम से जुड़े प्रदेश के शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिक्षक हरिओम सिंह ने शिक्षा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा। उनके प्रोजेक्ट्स में बच्चे वर्षा जल संचयन मॉडल बनाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
युवा शिक्षक ने बदली लोगों की सोच, गांव में आने लगी हरियाली



सिराथू। ब्लाॅक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय निजामपुर नौगीरा में नियुक्त शिक्षक विकास कुमार ने लोगों की सोच बदलकर गांव में हरियाली लाने का काम किया है। तीन साल पहले प्रभारी प्रधानाध्यापक पद की कमान संभालने के बाद शिक्षक विकास को स्कूल परिसर वीरान पड़ा मिला। इस पर उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर पौधारोपण किया।
प्रतिदिन पानी देने के साथ ही निराई-गुड़ाई का कर दर्जनों छायादार पेड़ तैयार किया। स्कूल में पौधरोपण के साथ ही विद्यार्थियों से हरियाली के प्रति अपने माता-पिता को प्रेरित करने के लिए कहा। विद्यालय में शिक्षण कार्य के बाद विकास ग्रामीणों के बीच बैठकर पर्यावरण को बचाने के लिए पेड़ पौधों की उपयोगिता के बारे में बताने लगे।
धीरे-धीरे इसका असर ग्रामीणों पर पड़ने लगा। शिक्षक के प्रयास से ग्राम प्रधान आरती देवी सहित ग्रामीणों ने गांव में हरियाली लाने का संकल्प लिया। इस वक्त ग्रामीण सरकारी व निजी भूमि सहित अन्य स्थानों पर सौ अधिक पौधे लगा कर नियमित देखभाल करते है। इससे गांव में हरियाली आने लगी है। गांव के बुजुर्ग तीरथ लाल बताते हैं शिक्षक की प्रेरणा से निजी भूमि पर दस पौधे रोपित कर प्रतिदिन देखभाल करते हैं। दिन-प्रतिदिन बड़े हो रहे पौधों को देख आंखों को सुकून मिलता है।

शिक्षक हरिओम सिंह।

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