बारिश के बाद दिनभर नहीं निकली धूप
बारिश होने के बाद सहालग वाले घरों में बढ़ी परेशानी
ठंड बढ़ने से भरपूर पैदावार की उम्मीदें बढ़ी, किसान गदगद
फोटो नं-08
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। फरवरी माह में दूसरी बार हुई बेमौसम बरसात ने फसलों की भरपूर पैदावार की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। गुरुवार की रात में बारिश के बाद शुक्रवार को दिन भी धूप नहीं निकलने से मौसम सर्द रहा। उधर सहालग वाले घरों में तैयारी पर बारिश का असर साफ देखने को मिला।
मकर संक्रांति के बाद सूर्य जैसे ही मकर राशि में प्रवेश किया भगवान भाष्कर की किरणें अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। जनवरी माह के अंत तक चटख धूप होने के चलते दिन की सर्दी गायब हो गई थी। सुबह और शाम ही लोगों के बदन पर गर्म कपड़े दिखाई पड़ रहे थे। लेकिन फरवरी माह के शुरू होते ही मौसम का मिजाज बदला और बेमौसम बरसात हुई। इससे किसानों ने राहत की सांस ली। सप्ताह भर बाद गुरुवार की सुबह से रात भर रह-रहकर जिले भर में हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। शुक्रवार की सुबह से शाम तक दिन भर भगवान भाष्कर बादलों के बीच छिपे रहे। इससे ठंड का असर दिन में भी देखने को मिला। मौसम के बदले मिजाज और हुई बारिश के चलते अब गेहूं, चना, मटर, अरहर व असिंचित क्षेत्रों में बोई गई फसलों में भरपूर पैदावार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। किसानों का मानना है कि सप्ताह भर में दो बार हुई बारिश के चलते नमी के आभाव में नष्ट हो रही फसलों को जीवनदान मिला है। दूसरी ओर बारिश के चलते सहालग वाले घरों में अव्यवस्था हो गई है। शादी समारोह को लेकर कराई जा रही सजावट, सफाई पर बारिश के चलते पानी फिर गया है। दरवाजे पर कीचड़ होने से शादी-ब्याह वाले घरों के मुखिया के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं। सबसे अधिक परेशान उन मुखिया की है जिनके घरों में नौ फरवरी को शादी है। मौसम के बदले मिजाज से सहालग वाले घरों के मुखिया हैरान-परेशान हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह आज, बारिश से तैयारियों पर असर
मंझनपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिला प्रशासन ने नौ फरवरी को शादी की मुहूर्त निकलवा रखा है। इस दिन 408 जोड़ों को परिणय सूत्र में बांधने के लिए डायट मैदान को दूल्हन की तरह सजवाया जा रहा है। गुरुवार की सुबह से शुरू हुई बारिश ने कराई जा रही तैयारी पर पानी फेर दिया है। समारोह से पहले ही पानी में भीगकर लगाए गए टेंट धूलधूसरित हो गए हैं। यहां तक तो गनीमत है। इसके बाद यदि बारिश हुई तो डायट मैदान में जलभराव की स्थिति हो सकती है। ऐसे में प्रशासन को शुभ मुहूर्त में शादी कराने के लिए स्थान भी बदलना पड़ सकता है।
आलू की खुदाई हुई प्रभावित
सप्ताह भर पहले हुई बेमौसम बारिश के चलते आलू की खुदाई ठप हो गई थी। आलू के मेड़ों की मिट्टी भीग जाने से खुदाई नहीं हो पा रही थी। इधर बीच किसान धूप होने पर खुदाई की तैयारी ही कर रहा था कि गुरुवार की सुबह से रात भर रह-रहकर हुई बारिश ने एक बार फिर खुदाई प्रभावित कर दिया। अब अगले चार-पांच दिन चटख धूप होने के बाद ही आलू की खुदाई हो पाना संभव होगा। सप्ताह भर से बाधित चल रही आलू की खुदाई और माघ मेला व सहालग वाले घरों में हो रही इसकी खपत से दाम भी बढ़ सकते हैं।
मामूली बरसात में जलमग्न हो गई सड़क
फोटो नं.14
कड़ा (ब्यूरो)। देवीगंज से भानीपुर जाने वाला मार्ग मामूली बरसात में ही जलमग्न हो गया है। जलनिकासी का मुकम्मल इंतजाम नहीं होने के कारण पूरी सड़क तालाब बनी हुई है। इसकी वजह से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गांव वालों की मानें तो कुछ महीने पहले ही इस सड़क का निर्माण कराया गया है। नालियों को दुरुस्त कराने की मांग कई बार ब्लॉक स्तरीय अफसरों से की गई। पर, किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसे लेकर गांव के लोगों में गहरी नाराजगी है।
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