फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली को लेकर चक्काजाम, हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली को लेकर चक्काजाम, हंगामा
विज्ञापन

15 अगस्त की शाम बिजली गुल होने पर बौखलाए लोग
-एक्सईएन ने समझा-बुझाकर शांत कराया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
जिला मुख्यालय की 15 अगस्त की शाम को बिजली गुल हो गई। ट्रांसफार्मर फुंकने से तीन मोहल्लों की लाइट गुल थी, आधे से ज्यादा मोहल्लों में लो-वोल्टेज की समस्या थी। इससे गुस्साए लोगों ने चौराहे पर चक्काजाम कर हंगामा काटना शुरू कर दिया। जानकारी होते ही एसडीएम मंझनपुर पुलिस के साथ पहुंचे। एक्सईएन को मौके पर बुलाया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। किसी तरह अधिकारियों ने लोगों को शांत कराकर वापस भेजा।
जिला मुख्यालय में बिजली की समस्या लगातार बनी हुई है। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं। मंगलवार की शाम को चौराहे के समीप से लेकर आधे बाजार की बिजली गुल हो गई। बाकी मोहल्लों में लो-वोल्टेज था। इससे घरेलू उपकरण काम नहीं कर रहे थे। इससे गुस्साए लोग हुजूम की शक्ल में मंझनपुर चौराहे पर इकट्ठा हुए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। पुलिस विभाग के बैरियर को लोगों ने खींचकर रोड बंद कर दी। चक्काजाम होने से सभी सड़कों पर वाहनों का काफिला खड़ा हो गया। कृष्ण जन्माष्टमी होने पर घराें से निकले लोग जाम में फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीएम मंझनपुर विवेक चतुर्वेदी फोर्स के साथ पहुंचे। पहले तो उन्होंने बलपूर्वक धरने पर बैठे पंकज कुमार गामा, अनीस, सुरेश, राकेश, रिंकू आदि को हटाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के गुस्से को देखते हुए वह बैकफुट पर आ गए। इसके बाद मानमनौव्वल शुरू हो गई। भीड़ ने एक्सईएन को बुलाने की मांग की। एक घंटे बाद एक्सईएन प्रभाकर पांडेय आए, उन्होंने जल्द ही जर्जर तार व ट्रांसफार्मर बढ़वाने का आश्वासन दिया तो लोगों ने जाम हटाया।
विज्ञापन

-----------------------------
उपभोक्ताओं की बैठक में फर्जी बिल का हुआ खुलासा
बिल देख तमतमाए सीडीओ ने एसडीओ से मांगा जवाब,
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिला मुख्यालय में बिजली की समस्या के समाधान को लिए सदर एसडीएम ने बुधवार को अपने कार्यालय में उपभोक्ताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों ने बकाए बिल की चर्चा शुरू की तो एक उपभोक्ता ने फर्जी बिल जारी करने का खुलासा कर सबकी बोलती बंद कर दी। फर्जी बिल देख बैठक में मौजूद सीडीओ का भी पारा गरम हो गया। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एसडीओ से जवाब मांगा है।
जिला मुख्यालय की बिजली समस्या के पीछे कहीं न कहीं फर्जी बिलिंग भी है। इसके पहले भी इसका खुलासा हो चुका है और एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बावजूद इस खेल पर पाबंदी नहीं लग सकी। मंगलवार की रात बिजली समस्या को लेकर धरने पर बैठे पंकज कुमार गामा व अन्य उपभोक्ताओं को सदर एसडीएम विवेक चतुर्वेदी ने समस्या के समाधान के लिए अपने दफ्तर में बुलाया था। वहां सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह भी मौजूद थे। इसमें एसडीओ भी मौजूद थे। लो-वोल्टेज व जर्जर तार की प्रमुखता से मांग उठाई गई। इसी दौरान एसडीओ ने मंझनपुर के उपभोक्ताओं पर लाखों रुपया का बकाया होने की बात सीडीओ व एसडीएम को बताई। इस पर पंकज कुमार गामा ने नेहरू नगर मोहल्ला निवासी अशोक कुमार के बिल को दिखाते हुए बताया कि पिछले महीना इनका बिल 2408 रुपया इनका बिल आया था, जिसको जमा किया गया। अबकी बिल एक लाख 34 हजार रुपये का बिल आया है। इसी तरह के फर्जी बिलों को भेजकर उपभोक्ताओं का उत्पीड़न किया जाता है। इस बिल की सीडीओ व एसडीएम ने खुद जांच की। जांच के बाद उपभोक्ता की शिकायत को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया। इस पर एसडीओ ने कहा कि हो सकता है कि नए बिल में पिछले बकाए का जिक्र न किया गया हो। इसको लेकर उपभोक्ताओं ने नाराजगी भी जताई। सीडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए फर्जी बिल के संबंध में एसडीओ से जवाब तलब किया है।
विज्ञापन

------------------------------
हो सकती है एफआईआर
फर्जी बिलिंग के मामले में एक और एफआईआर मंझनपुर थाने में दर्ज हो सकती है। उपभोक्ता अशोक कुमार को पिछले महीना का बिल जमा करने के बाद भी विभाग की ओर से एक लाख 34 हजार रुपये का बिल दिया गया है। हैंड बिलिंग के ठेकेदारों के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने से विभागीय अधिकारियों की बोलती बंद है। सीडीओ ने इस मामले में जिस तरह से अपनी नाराजगी जाहिर की है, उससे साफ है कि कार्रवाई होना तय है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें