फिर दो महिलाओं की कटी चोटी
एक महिला अस्पताल में भर्ती, पिपरी और पइंसा क्षेत्र में हुईं घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
नेवादा/पइंसा।
महिलाओं पर चोटी कटवा का खौफ तारी हो गया है। सोमवार से शुरू हुआ चोटी कटने का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पइंसा व पिपरी थाना क्षेत्र की दो और महिलाओं की चोटी घर के भीतर कट गई। घटना से महिलाएं सदमे में हैं और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। चोटी कटने की घटना में इजाफा हुआ तो लोगों में भी अब डर बैठने लगा है।
पिपरी के दुर्गापुर की शीला देवी तीन बेटियों के साथ घर में अकेले रहती है। उसका पति बरमदीन रघुवंशी बंगलुरु में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। बुधवार रात शीला देवी अपनी बेटियों के साथ आंगन में सो रही थी। रात करीब 12 बजे बारिश होने पर शीला देवी बेटियों के साथ घर के भीतर सोने चली गई। उमस होने पर शीला देवी दोबारा आंगन में आकर सोने लगी। इसी दौरान उसकी चोटी कट गई। इसकी जानकारी होते ही शीला देवी डर के मारे शोर मचाने लगी। बेटियां भागकर बाहर आईं। मोहल्ले के तमाम लोग भी जुट गए। किसी तरह शीला देवी को शांत कराया गया। इससे गांव की महिलाएं चिंतित हो गईं। इसी तरह पइंसा के मिर्जापुर जवई खांडेपुर की रेखा देवी पत्नी सुंदर सुबह घर में झाड़ू लगा रही थी। इस दौरान उसकी चोटी कट गई। कटी चोटी देख रेखा देवी बौखला गई। रेखा देवी ने शोर मचाया तो परिवार के लोग भागकर आए। डर की वजह से वह सदमे आ गई थी। उसे जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चोटी कैसे कटी, कब क्या हुआ? इसकी जानकारी महिलाओं को नहीं हो सकी। वहीं गांव में तमाम तरह की चर्चाएं हैं।
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जाग रही थी शीला देवी, फिर भी पता नहीं चला
पिपरी के दुर्गापुर की शीला देवी बारिश होने के बाद पहले बेटियों संग सोने के लिए कमरे में गई लेकिन उमस होने के कारण वह दोबारा आंगन में आ गई। बारिश इतनी तेज थी कि उसे नींद नहीं आई और वह जाग रही थी। इसी दौरान उसकी चोटी कटी, लेकिन उसको पता नहीं चला कि कैसे चोटी कट गई। वह इस घटना को लेकर खुद हैरान है। शीला देवी ने बताया कि उसको तनिक भी एहसास नहीं हुआ कि चोटी उसकी कब कटी। करवट बदलने पर जब उसके हाथ में चोटी आई तब उसको पता चला। उसकी बातें सुनकर गांव के लोग भी हैरान हैं।