मंझनपुर। केंद्र व प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। कार्यकर्ताओं से काम पर काम लिया जा रहा है। इसके बदले उन्हें मानदेय विधवा, दिव्यांग पेंशन जैसा दिया जा रहा है। सात साल में सरकार ने डेढ़ हजार मानदेय बढ़ाया है। जबकि पांच साल में दोगुना मानदेय करने का नियम है। मंगलवार को जिले भर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यालय में बैठक कर विरोध जताया।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष माया सिंह ने कहा आंगनबाड़ियों से विभाग के काम के अलावा तमाम काम लिए जाते हैं। विरोध करने पर मानदेय रोकने व सेवा समाप्त करने की धमक ी दी जाती है। अल्प मानदेय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ज्यादा काम लिया जा रहा है। अपनी इन्हीं समस्याआें और मांगों को लेकर दो और तीन अक्तूबर को लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेंगी। इसके लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को ज्ञापन देकर दो दिवसीय सामूहिक अवकाश मांगा गया है। 38 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन भी दिया गया। जिले के कार्यकर्ता एक अक्तूबर की शाम संगम एक्सप्रेस से लखनऊ रवाना होंगे। इस मौके पर सुषमा सिंह, संजना दीक्षित, रेनू प्रजापति, सावित्री, पुष्पा, कमला, वैतून, अनीता, सुनीता सिंह, पुष्पा केसरवानी, अंजू श्रीवास्तव, सरोजनी, राधा देवी सहित तमाम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।