मंझनपुर। महिला की जिंदगी नरक बनाने वाले कथित बाबा अजमल शाह के खिलाफ आखिरकार पुलिस ने घर में घुसकर दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया। एडीजी के आदेश के बावजूद दुष्कर्म के आरोपी बाबा को बचाने की कवायद हो रही थी। इससे परेशान पीड़िता ने सीएम को खून से लिखा पत्र भेजने के साथ ही इंसाफ नहीं मिलने पर जान देने की धमकी भी दी थी। महिला के इस कदम से सकते में आई पुलिस ने रविवार को केस दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
करारी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बाबा अजमल शाह खुद को धर्म गुरू बताता है। बाबा के खिलाफ गांव की एक महिला ने तकरीबन 25 दिन पहले मोर्चा खोल दिया। महिला ने एडीजी एसएन सांवत से मुलाकात कर बताया कि पांच साल से बाबा उसके साथ दुष्कर्म करता है। पांच साल पहले जब वह पति के साथ बाबा के खिलाफ पुलिस से शिकायत करने जा रही थी तभी रास्ते में बाबा व उसके गुर्गों ने पति को रायफल की बट से पीटकर पैर तोड़ दिया। एक आंख भी फोड़ दी गई। मजबूरी में महिला बाबा का जुल्म सहती रही। आरोप है कि अब बाबा दूसरे लोगों को भी उसके पास भेजने लगा था। विरोध करने पर उसने घर में तालाबंद कर परिवार को बाहर निकाल दिया। खौफ की वजह से महिला दोबारा गांव नहीं लौटी। वह ठिकाना बदल-बदल कर रह रही है। एडीजी ने महिला की दास्तां सुनकर कौशाम्बी पुलिस को आरोपों की जांच कर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इस बाबत अमर उजाला ने 13 सितंबर के अंक में ‘बाबा ने नरक बना दिया महिला की जिंदगी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की।
खबर का असर रहा कि सीओ सदर एसएन पाठक को आरोपों की जांच सौंपी गई। विधायक चायल संजय गुप्ता ने महिला को इंसाफ दिलाने के लिए अफसरों से बात की। 14 सितंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘हैवानियत की हदें पार करने वाले बाबा पर शिकंजा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर का असर रहा कि सीओ ने महिला का बयान लेने के बाद रिपोर्ट एसपी प्रदीप गुप्ता को सौंपी। इसके बाद सत्तापक्ष के ही दूसरे एक ‘माननीय’ बाबा के बचाव में उतर आए। इस पर महिला ने शनिवार को अपने खून से पत्र लिख माननीय की शिकायत सीएम से की। विधायक चायल ने भी पुलिसिया ढिलाई पर नाराजगी जाहिर की। अमर उजाला ने 16 सितंबर के अंक में ‘माननीय के खिलाफ खून से लिखा सीएम को पत्र’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर का असर रहा कि पुलिस ने आरोपी बाबा केखिलाफ रविवार को रिपोर्ट दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी गई। वहीं एसपी का कहना है कि महिला की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।