मंझनपुर। जैन-बौद्ध की तपोस्थली कौशाम्बी में महीने भर से अंधेरा है। ट्रंासफार्मर फुंकने की वजह से यह समस्या खड़ी हुई है। इसके चलते यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ऐतिहासिक नगरी कौशाम्बी में सरकार पर्यटन के विस्तार देने की कवायद को बिजली विभाग पलीता लगा रहा है। विद्युत उपकेंद्र गोपसहसा से संबद्ध आंबाकुंआ गांव के फुंके ट्रंासफार्मर को महीने भर बाद भी नहीं बदला गया। जबकि इस ट्रांसफार्मर से पर्यटन नगरी कौशाम्बी स्थित कंबोडिया मंदिर, जैन मंदिर, कौशाम्बी इंटर कालेज आदि को बिजली दी जाती है। ट्रांसफार्मर फुंकने से इन स्थानों की बत्ती गुल है। बतातें चले कि चातुर्मास से इन दिनों श्रीलंका, थाईलैंड और कंबोडिया आदि देशों से तमाम बौद्ध भिक्षुओं का आवागमन बना रहता है। बिजली के अभाव में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्राम प्रधान शिवपूजन ने बताया कि ट्रांसफार्मर के लिए वह समर्थकों संग वर्कशॉप का चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं। दो दिन में ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इसके अलावा एक और समस्या है। ट्रांसफार्मर के पास लगे डबल पोल का ऊपरी हिस्सा टूटने से डिश एवं इंसुलेटर खराब हो गया। इससे कोशम, पाली, मुस्तफाबाद, नरगी समेत पांच गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। प्रभावित गांवों के पिंटू केशरवानी, लालचंद, ज्ञान चन्द्र, शंकर लाल, बिहारी लाल, ओंकारनाथ, दिनेश चंद्र जैन आदि गड़बड़ी दुरुस्त कराने की है।