मासूम के हत्यारे को आजीवन कारावास
-पेड़ की जड़ में पटक-पटक कर की थी मासूम की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
कोखराज के शोभना में तीन साल पहले एक मासूम की नृशंस हत्या की गई थी। 11 वर्षीय लड़के को पेड़ की जड़ में पटक-पटक कर मारा गया था। मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) ने आरोप साबित होने पर हत्यारोपी को आजीवन कारावास के साथ ही 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
शोभना निवासी अनुज सिंह पुत्र वृंदावन सिंह ने नौ सितंबर वर्ष 2014 को कोखराज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि सुबह उसका 11 वर्षीय भतीजा अनुपम सिंह पुत्र मनोज सिंह घर के बाहर खेल रहा था। इसके बाद वह गायब हो गया। शाम करीब चार बजे नाले में एक बच्चे लाश मिली। सूचना मिलने पर वह पहुंचा तो देखा कि लाश उसके भतीजे की थी। सूचना पुलिस को दी गई। इस दौरान पता चला कि नाले के समीप एक पेड़ की जड़ में खून लगा था। देखने यही प्रतीत हो रहा था कि इसी पेड़ की जड़ पर मासूम को पटक-पटक कर मारा गया है। इसके बाद शव को नाले में फेंका गया है। पुलिस ने अज्ञात हत्यारे के खिलाफ मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने गांव के ही संजय पासी उर्फ संजू पासी पुत्र शिवलाल को प्रकाश में लाया। संजय को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा और आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। प्रकरण में गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश डॉ. हुमायूं रशीद खां ने उभय पक्षों को सुना। शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने वादी समेत आधा दर्जन से अधिक गवाहों को परीक्षित कराया। न्यायाधीश ने आरोपी संजय पर हत्या का आरोप साबित पाया। आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, साथ ही उस पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
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गैर इरादतन हत्या में आठ साल की कैद
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव की अदालत में गुरुवार को गैर इरादतन हत्या के एक मामले की सुनवाई हुई। उभय पक्षों को सुना गया। शासकीय अधिवक्ता विनय यादव ने आठ गवाहों को परीक्षित कराया। आरोप साबित होने पर न्यायाधीश ने आरोपी अशोक को आठ साल के कैद की सजा सुनाई। आरोपी के खिलाफ कोखराज की रमपति देवी ने 15 मई वर्ष 1999 में कोखराज थाने में मामला दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि दीवार निर्माण कराने का विरोध करने पर आरोपी ने उसके पति सियाराम को लाठी से पीट-पीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी।