बारा। सबकुछ ठीकठाक रहा तो बहु प्रतीक्षित जोगापुर पंप कैनाल शनिवार को चालू हो जाएगा। इससे पहले शुक्रवार की देर शाम तक इंजीनियरों की टीम कैनाल को अंतिम रूप देने में जुटी रही। कैनाल चालू होने से क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की हजारों एकड़ खेती लहलहाएगी। इसे लेकर इलाकाई किसानों में उत्साह है।
कौशाम्बी ब्लॉक में सिंचाई की गंभीर समस्या को देखते हुए 17 दिसंबर 2010 को क्षेत्रीय विधायक एवं तत्कालीन बसपा सरकार के कबीना मंत्री इंद्रजीत सरोज यमुना नदी में जोगापुर पंप कैनाल का शिलान्यास किया था। 10 करोड़ दो लाख की लागत वाला ये कैनाल दो साल बाद बनकर तैयार भी हो गया था। पर, बसपा सरकार के चले जाने से विद्युतीकरण का काम अटक गया था। सपा सरकार में सियासी कारणों से कैनाल का विद्युतीकरण नहीं कराया जा सका। जिसके चलते नहर का संचालन रुक गया। पांच साल के बीच कैनाल अराजक तत्वों का शिकार हो गया। यांत्रिक उपकरण खराब होने लगे। इसी बीच सूबे में सत्ता परिवर्तन हुआ तो किसानों की मांग पर विधायक सदर लाल बहादुर ने दिलचस्पी दिखाई। नतीजतन विद्युतीकरण का काम शुरू हुआ। पर बाकी अन्य समस्याओं के चलते नहर संचालन में देरी हो रही थी।
पखवाड़े भर पहले डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मौका मुआयना करने के बाद एक्सईएन नहर व विद्युत को 15 जुलाई तक कैनाल संचालित करने का अल्टीमेटम दे दिया। डीएम की चेतावनी के बाद सक्रिय हुए अमले ने रात-दिन लगकर काम पूरा कर लिया। शुक्रवार की शाम मौके पर मौजूद रहे नहर विभाग के जेई प्रदीप कुमार, राजेश कुमार व सुभाष कुमार की टीम ने बताया कि शनिवार से नहर का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। बताया कि जुगराजपुर, डेलइया, कनैली, जाठी, बेरौचा आदि माइनरों से जुड़े हजारों हेक्टेयर फसलों की सिंचाई होगी।