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सौभाग्य का बोझ नहीं झेल पाएंगे ट्रांसफार्मर

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सौभाग्य का बोझ नहीं झेल पाएंगे ट्रांसफार्मर
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-पहले से ही दो तिहाई ट्रांसफार्मर चल रहे ओवरलोड
-गर्मियों में ओवरलोडिंग के कारण हर साल भारी मात्रा में फुंकते हैं ट्रांसफार्मर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। घर-घर बिजली पहुंचाने की अति महात्वाकांक्षी योजना सौभाग्य के तहत पूरी शिद्दत के साथ कनेक्शन बांटे जा रहे हैं। लगातार बढ़ रहे कनेक्शनों की संख्या आने वाले दिनों में बड़ा संकट खड़ा कर सकती है। पहले से ओवरलोड चल रहे ट्रांसफार्मर बोझ बढ़ने पर धड़ाम होकर मुश्किलें खड़ा कर सकते हैं। ऐसे में कनेक्शन बांटने के साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की सख्त जरूरत है।
प्रदेश सरकार ने हर घर को बिजली (ऊर्जा) मुहैया कराने के लिए पिछले साल नवंबर से सौभाग्य योजना संचालित कर रखी है। इसके तहत गरीब, अमीर सभी को मुफ्त विद्युत कनेक्शन बांटने के साथ ही मीटर, तार, बल्ब आदि मुहैया कराए जा रहे हैं। जगह-जगह शिविर लगाकर हर महीने 5210 कनेक्शन बांटे जाने का लक्ष्य प्रस्तावित है। ऐसे में लक्ष्य पूरा करने पर साल भर के भीतर तकरीबन 62 हजार नए कनेक्शन बढ़ना तय माना जा रहा है। जबकि एक लाख दस हजार वैध उपभोक्ता पहले से हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि नए उपभोक्ता बढ़ने से जाहिर है कि ट्रांसफार्मरों पर भार बढ़ेगा। अब सवाल उठता है कि पहले से ही गर्मी के दिनों में हर साल दो तिहाई ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग के चलते फुंक जाते हैं। ऐसे में यदि नए कनेक्शनों के साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता में इजाफा नहीं किया गया तो आने वाली गर्मी में उपभोक्ताओं के साथ ही विभागीय अफसरों की मुश्किलें बढ़ना तय है। लिहाजा वक्त रहते ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि करने की सख्त आवश्यकता है।
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जर्जर विद्युत तार भी बनेंगे मुसीबत के सबब
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लगी अधिकतर बिजली के तार पुराने और जर्जर हो चुके हैं। गर्मी के दिनों में ओवरलोडिंग के कारण यह तार जगह-जगह गलकर जमीन पर गिर जाते हैं। इसके चलते हर साल दर्जनों मौतों के साथ ही भारी संख्या में फसलें जलकर नष्ट हो जाती हैं। तार बदलने से पहले सौभाग्य योजना के विद्युत कनेक्शन दिए जाने से ओवरलोडिंग की समस्या और बढ़ जाएगी। इससे हादसों में इजाफा होना तय है।
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कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनेंगे नए कनेक्शन
गर्मी में हर साल धड़ाधड़ ट्रांसफार्मर फुंकते हैं। फिर इन्हें समय नहीं बदले जाने पर उपभोक्ता हंगामा काटते हैं। जगह-जगह धरना-प्रदर्शन करते हैं। सौभाग्य योजना के चलते यह समस्या दो गुनी हो जाएगी। माना जा रहा है कि नए कनेक्शन बढ़ने के बाद ट्रांसफार्मर की वजह से कानून-व्यवस्था को प्रभावित होना तय है।
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माघ मेला बाद हालात में सुधार की संभावना
जिले के विद्युत विभाग को प्रयाग में लगे माघ मेले से काफी उम्मीद हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि माघ मेला खत्म होने के बाद वहां लगे विद्युत उपकरणों मसलन ट्रांसफार्मर, तार, खंभा आदि कौशाम्बी भेजे जाने के संकेत मिल रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो काफी हद तक समस्या खत्म हो जाएगी।
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आंकड़ों पर एक नजर
0 जिले भर में लगे ट्रांसफार्मरों की संख्या- 10,000
0 विभागीय आंकड़ों में ओवरलोड ट्रांसफार्मर-2000
0 हर महीने सौभाग्य के तहत होने वाले नए कनेक्शन-5210


क्या कहते हैं अफसर
नए कनेक्शनों से निश्चित तौर पर लोड बढ़ेगा। इससे निबटने के लिए विभागीय तैयारी है। कनेक्शनों की संख्या अधिक होने पर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं। बिजनेस प्लान के तहत जर्जर तारों के बदलने का भी प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
तारिक जलील-अधीक्षण अभियंता विद्युत-कौशाम्बी
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