दावेदारों को संतुष्ट करना सबसे बड़ी चुनौती
निकाय चुनाव में सत्ताधारी भाजपा में मची है सबसे अधिक खींचतान
अनारक्षित सीटों पर उम्मीदवारों की लंबी सूची देखकर छूटे पसीने
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। निकाय चुनाव के आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद टिकट हासिल करने की होड़ मच गई है। अनारक्षित सीटों पर उम्मीदवारों की लम्बी भीड़ देख सियासी दलों खासतौर से भाजपा के पसीने छूट रहे हैं। माना जा रहा है कि टिकट से वंचित दावेदार बगावती तेवर अपना सकते हैं। सियासी दलों के सामने बागियों से पार पाने की बड़ी चुनौती होगी। सर्वाधिक फजीहत सत्ताधारी दल भाजपा में देखने को मिल रही है।
निकाय चुनावों की सियासत पर चुप्पी साधे रहने वाले राजनीतिक दलों ने इस बार पार्टी सिम्बल पर चुनाव लड़ाने की घोषणा कर बड़ी फजीहत मोल ले ली है। तकरीबन सभी पार्टियों के पास दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। पार्टी के जिम्मेदारों को समझ नहीं आ रहा है कि वह सम्भावित बखेड़े से कैसे निबटें। इतना तो तय माना जा रहा है कि टिकट की घोषणा होते ही आरोप-प्रत्यारोप के साथ बगावत होनी तय है। इसका तोड़ निकालना सभी दलों के लिए मुश्किल भरा काम है। भाजपाइयों में टिकट के लिए सबसे अधिक घमासान है। मंझनपुर, चायल और सिराथू समेत सभी अनारक्षित सीटों पर दावेदारों की संख्या दर्जन भर के ऊपर है। लाइन में लगे सभी दावेदार टिकट के लिए अपना सारा सियासी रसूख झोंके हुए हैं। पहली बार नगरपालिका बनी भरवारी सीट दलित महिला के लिए आरक्षित होने से यहां कुछ राहत जरूर दिख रही है। मगर सामान्य और पिछड़ा वर्ग से लाइन में रहेे सियासी रसूख वाले अब अपने प्यादों के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। यही हाल अझुहा, करारी और सरायअकिल है। पहली मर्तबा अनुसूचित जाति के खाते में गई इन कस्बों की रहनुमाई के लिए दलितों में खासा उत्साह है।
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सपा में भी कम नहीं दावेदारों की भीड़
निकाय चुनाव में टिकट के लिए भाजपा के बाद प्रमुख विपक्षी दल सपा में भी मारामारी मची हुई है। यहां भी अनारक्षित सीटों पर छह से आठ उम्मीदवार टिकट की लाइन में देखे जा रहे हैं। बसपा में टिकट को लेकर खास दिलचस्पी नहीं दिख रही है। इक्का-दुक्का उम्मीदवार ही इस दल से टिकट के लिए लाइन में देखे जा रहे हैं। कांग्रेस में टिकट की खास चर्चा नहीं सुनाई दे रही है।
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अनारक्षित सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या अधिक है। पर, पार्टी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। टिकट वितरण के पहले आपसी सामंजस्य के साथ जनाधार और पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जाएगी।
रमेश पासी
जिलाध्यक्ष भाजपा
हर सीट पर अपेक्षा से अधिक उम्मीदवार टिकट के लिए लाइन में हैं। मगर कोई समस्या नहीं है। समाजवादी पार्टी के निष्ठावान सिपाही को उम्मीदवार बनाया जाएगा।
खड्ग सिंह पटेल
जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी
दावा-आपत्तियों के अंतिम दिन उमड़ी भीड़
मंझनपुर (ब्यूरो)। निर्वाचक नामावली में छूटे नाम दर्ज कराने, फर्जी नाम कटवाने के लिए दावे-आपत्तियों के आखिरी दिन रविवार को नगर पंचायतों में लोगों की खासी भीड़ जुटी। बीएलओ ने निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वाने, नामों में संशोधन व मृतकों के नाम कटवाने के लिए भारी संख्या में दावे-आपत्तियां ली। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दावे-आपत्तियों का निस्तारण तीन दिन के भीतर कराते हुए 18 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा। प्रकाशन के बाद मतदाता सूची को नगर पंचायतों के सार्वजनिक स्थल पर चस्पा करा दिया जाएगा।