अस्पताल बदहाल, मरीज परेशान
बुखार से पीड़ित बच्चे का नहीं किया इलाज
एक्सरे कराने आई वृद्धा को भी किया वापस
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
जिला अस्पताल की अव्यवस्था पर अब लोग आंसू बहाने लगे हैं। अस्पताल की दहलीज पर आते ही मरीजों का भरोसा टूट जाता है। सबसे ज्यादा हैरान उनके तीमारदार रहते हैं। गुरुवार को दो तस्वीरें ऐसी सामनें आई, जिनको देखकर व समझकर लोगों का कलेजा चाक हो गया। एक साल के मासूम का इलाज कराने आई महिला को इलाहाबाद का रास्ता बताया गया तो वृद्धा का एक्सरे नहीं किया गया जबकि वह चलने-फिरने की स्थिति में नहीं थी।
बेटे का इलाज न होने पर फूट कर रोई, साइकिल भी हुई चोरी
मंझनपुर तहसील के कोड़र की सुनीता देवी गुरुवार को करीब 11 बजे जिला अस्पताल अपने एक साल के बेटे रतन का लेकर पहुंची। वह साइकिल में पति कमलेश के साथ बैठकर आई थी। पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टरों के पास गई और बताया कि बेटे को बुखार है। डॉक्टरों ने चेकअप किया, इसके बाद दो टूक शब्दों में कहा कि इसका इलाज यहां नहीं हो पाएगा, उसे वह इलाहाबाद लेकर जाए। इतना सुनते ही वह फूट-फूट कर रोने लगी। पति ने समझा-बुझाया तो किसी तरह बाहर निकली। महिला को रोते देख तमाम लोगों ने पूछताछ की। जानकारी होने पर वह डॉक्टरों को कोसने लगे। बाहर निकलते ही सुनीता पर एक पहाड़ और टूटा। उसकी साइकिल चोरी हो चुकी है। पति बदहवास हो गया। कुछ समझ में नहीं आया तो दोनों रोते हुए घर लौट गए।
एक्सरे रूम बंद देख मायूस लौटी वृद्धा
करारी के बल्लोपुर गांव की केलपति पत्नी नन्हूलाल की हालत गंभीर है। गिरने से उनका कूल्हा फ्रैक्चर हो गया। इससे वह चलने-फिरने को मोहताज हो गई। गुरुवार को परिजन केलपति को लेकर जिला अस्पताल आए। व्हीलचेयर पर बैठाकर एक्सरे रूम तक ले गए। वहां पता चला कि एक्सरे रूम बंद है। जनरेटर का अल्टीनेटर खराब होने के कारण एक्सरे नहीं हो पा रहा था। इसकी जानकारी होते ही वृद्धा के परिजन आगबबूला हो गए। डॉक्टरों से कहासुनी भी हुई। इसके बाद तमाम लोगों के समझाने पर वह वापस चले आए।
जनरेटर में तकनीकी खराबी आ गई है, उसे जल्द ही दूर कराया जाएगा। लाइट की समस्या होने के कारण एक्सरे नहीं हो पाया है। बुखार पीड़ित बच्चे का इलाज क्यों नहीं हुआ, इसकी जांच करवाएंगे।
डॉ. दीपक सेठ
सीएमएस