फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वावलंबी बन परिवार की आर्थिक मजबूती बन रहे दोआबा के युवा

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वावलंबी बन परिवार की आर्थिक मजबूती बन रहे दोआबा के युवा
विज्ञापन

कौशाल विकास मिशन से जुड़ कर प्राप्त कर रहे रोजगार प्रशिक्षण
वर्ष 2018 में प्रशिक्षण ले चुके पांच सौ लोगों को दिलाई गई नौकरी
फोटो नं-
अमर उजाला ब्यूरो
भरवारी। बेरोजगारी के कारण जिंदगी से हार मानने वाले युवाओं के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। यहां एक साल के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके पांच सौ नौजवानों को निजी कंपनियों में रोजगार दिलाया गया है। 10 से 15 हजार रुपये महीने कमाकर वह लोग अपने परिवार की आर्थिक तरक्की का हिस्सा बन रहे हैं।
नगर पालिका परिषद भरवारी में दो करोड़ की लागत से बने प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र का शुभारंभ चार फरवरी 2018 को कौशाम्बी के सांसद विनोद सोनकर और चायल विधायक संजय गुप्ता ने किया। इस केंद्र में महिलाओं के लिए सिलाई का खास कोर्स रखा गया है। इसके अलावा कस्टमर केयर प्रतिनिधि, आटो सर्विस टेक्निीशियन, सेल्समैन, फील्ड टेक्निशियन के कोर्स है। यह प्रशिक्षण 30 से 75 दिन का होता है। मैनेजर मोहम्मद कलाम ने बताया कि एक बैच में 30 प्रशिक्षणार्थी शामिल किए जाते हैं। रोजाना चार शिफ्ट में प्रशिक्षण दिया जाता है। कौशल विकास केंद्र का एनएचडीसी नेशनल स्किल डेवलपमेंट संस्था संचालन करती है। पिछले साल एक हजार लोगों को प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया था। जिसमें से आठ सौ लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। पांच सौ लोगों को केंद्र के माध्यम से जॉब दिलाई गई है। तीन सौ लोगों ने खुद का काम शुरू किया।
विज्ञापन


उत्साहित हैं युवतियां
भरवारी (ब्यूरो)। प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही पिपरकुंडी की आभा, फैजीपुर की सावित्री देवी, ओसा की उर्मिला, कोमल, भरवारी की शिवानी और सोनम सिलाई कढ़ाई का कोर्स कर रही है। यह लोग प्रशिक्षण से काफी उत्साहित है। उनका कहना है कि वह प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जॉब करना चाहती है। जिससे वह किसी पर बोझ नहीं बन सके।

करीब दस कंपनियों में दिलाई जाती है जॉब
भरवारी (ब्यूरो)। कौशल विकास केंद्र के मैनेजर मोहम्मद कलाम का कहना है कि उन लोगों का संपर्क दस निजी क्षेत्र की कंपनियों से है। आटो सर्विस के क्षेत्र में मिंडा, सीलिंग सिलाई के लिए वर्धमान, कस्टमर केयर के लिए आबीएम, सूर्यमित्र, बिग बाजार, पीवीआर, वीमार्ट आदि कंपनियों की शाखा गुड़गांव आदि शहरों में लोगों को जॉब दिलाया गया है।
विज्ञापन


सरकार उठाती है पूरा खर्च
भरवारी (ब्यूरो)। कौशल विकास केंद्र में प्रशिक्षण लेने वाले से एक पैसा शुल्क नहीं लिया जाता। एक बच्चे के प्रशिक्षण में दस से 15 हजार रुपये का खर्च आता है। जिसेे सरकार वहन करती है। इसमें बच्चों को किट बैग, किताब, कपड़े और यात्रा शुल्क शामिल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें