27 नामजद और 250 अज्ञात उपद्रवियों पर केस
ईद खत्म, पुलिस अब करेगी हमला करने वालों की पहचान
एसपी ने कहा, जल्द ही आरोपियों भेजा जाएगा जेल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। पुलिस पर हमला करने के मामले में 27 नामजद और करीब 250 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। बलवा सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने की बात कह रही है।
बहादुरपुर निवासी मुलायम अपहरण का आरोपी था। रविवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद सोमवार सुबह वो संदिग्ध दशा में सदर कोतवाली से गायब हो गया। दोपहर को उसके गांव के बाहर महुए के पेड़ पर फंदे से लटकती हुई उसकी लाश मिली थी। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार सुबह परिजनों ने कोतवाल पर निलंबन की कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने लाश छीनने की कोशिश करने पर पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया था। नगर कोतवाल व पश्चिमशरीरा एसओ सहित करीब सात पुलिस कर्मचारियों को कमरे में कैद होकर जान बचानी पड़ी थी। मामले में सदर कोतवाल उदयवीर सिंह की तहरीर पर उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। अज्ञात हमलावरों की पहचार कराई जाएगी। उपद्रव के दौरान के कुछ वीडियो फुटेज भी पुलिस के हाथ लग गए हैं। फिलहाल पुलिस ने लिखापढ़ी में किसी की गिरफ्तारी नहीं दिखाई है। जबकि मौके से लगभग 10 लोगों को पकड़ा गया था।
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फोटो नं.12,13,14,15
बहादुरपुर, ओसा और सिरचनपुर में दहशत
गिरफ्तारी के खौफ से घरों में ताला बंद कर फरार हुए कई परिवार
कुछ घरों में सिर्फ महिलाएं, पुरुष रिश्तेदारों के घर में ली शरण
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। नगर कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर, ओसा और सिरचनपुर गांव में पुलिस मुठभेड़ के बाद बुधवार को दूसरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। दहशतजदा कई परिवार गिरफ्तारी के खौफ से घरों में ताला बंद कर फरार हो गए हैं। कुछ घरों में सिर्फ महिलाएं, बच्चे हैं। पुरुष रिश्तेदारों के घरों में शरण ली है।
मंझनपुर कोतवाली से संदिग्ध दशा में गायब होने के बाद फांसी पर लटकते मिले मुलायम के शव का अंतिम संस्कार नहीं करने को लेकर मंगलवार को बहादुरपुर में पुलिस पर पथराव करने में ओसा और सिरचनपुर के ग्रामीण भी शामिल थे। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज के साथ फायरिंग तक करनी पड़ी थी। गुस्साई भीड़ ने उस वक्त तो आगे-पीछे कुछ नहीं सोचा। अब ग्रामीणों को डर है कि कहीं पुलिस गिरफ्तार करके जेल न भेज दे। बुधवार को इसी डर से तीनों गांवों के अधिकतर घरों में ताला लटक रहा था। कुछ घरों में सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही दिखे। महिलाएं भी घर के बाहर कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थीं। वे बच्चों को भी भीतर कैद करे हुए हैं। तीनों गांवों में सन्नाटा देखने को मिला। कहीं-कहीं ेवृद्ध ही नजर आए। जिन घरों में ताला लटक रहा है, वहां बाहर बंधे मवेशी भूख-प्यास से परेशान थे। पड़ोस की महिलाओं औरतों या बुजुर्गों ने चारे का इंतजाम किया।
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आखिर पहले क्यों नहीं दी गई कंट्रोल रूम को सूचना
मंझनपुर (ब्यूरो)। बताया जाता है कि मुलायम सुबह करीब 11 बजे संदिग्ध दशा में कोतवाली से गायब हो गया था। कुछ ही पल बाद इसकी जानकारी कोतवाल सहित अन्य सभी पुलिस कर्मचारियों को हो गई थी। इसके बाद भी शाम तक कंट्रोल रूप को अपहर्ता के कोतवाली से गायब अथवा फरार होने की खबर नहीं दी गई। शाम को जब उसका शव फंदे से लटकता मिला तो अफसरों को सूचना दी गई। आरोपी को लिखापढ़ी में दाखिल भी नहीं किया गया था।
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टेवां चौकी प्रभारी लाइन हाजिर
मंझनपुर। मंगलवार सुबह बहादुरपुर पहुंचे टेवां चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार राय ने मृतक के परिजनों से बदसलूकी की थी। यह भी आरोप है कि शव का भी अपमान किया था। इसकी जानकारी मिलने पर एसपी ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि उनका दो दिन पहले ही कौशाम्बी कोतवाली तबादला कर दिया गया था।
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एएसपी को सौंपी प्रकरण की जांच
मंझनपुर। पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि एएसपी अशोक कुमार को पूरे प्रकरण की जांच सौंप दी गई है। पखवाड़े भर के भीतर उनसे रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले डीएम मनीष कुमार वर्मा मजिस्ट्रेटी जांच के भी निर्देश दे चुके हैं।
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इनका कहना है
आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनको गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। किसी भी निर्दोष को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है।
प्रदीप गुप्ता-एसपी