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मॉडल टाउन के सपनों को नहीं लग सके पंख

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मॉडल टाउन के सपनों को नहीं लग सके पंख
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विस चुनाव से पहले तत्कालीन सीएम अखिलेश ने की थी घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। लोकसभा चुनाव सिर पर आते ही एक बार फिर विकास की बातें शुरू हो गई हैं। सियासी दल के नेता ऐसे वादे कर रहे हैं। जैसे उनसे बड़ा विकास पुरुष कोई दूसरा है ही नहीं। कोई खुद अथवा अपनी सरकार के करवाए हुए चंद कार्यों को गिना रहा है, तो कोई दूसरे की कोशिशों को अपना बताने का दावा कर रहा है। इन सबके बीच बात असल विकास की करें तो हकीकत काफी चौंकाने वाली है। आम जनता की तमाम दिक्कतें हैं, जो खत्म नहीं हुई हैं। कई सपने हैं। जिन्हें, पंख नहीं लग सके हैं। इन सबके जिम्मेदार कहीं न कहीं माननीय भी हैं। बात करारी नगर पंचायत की करें तो विधानसभा चुनाव से पहले ओसा मंडी में हुई सभा को संबोधित करते हुए तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने करारी को मॉडल टाउन बनाने की घोषणा की थी। अधिकारियों ने प्रोजेक्ट भी तैयार करके शासन को भेज दिया था। अंतिम मुहर लगती, इससे पहले सरकार ही बदल गई। फिर नागरिकों ने नई सरकार के माननीयों की खूब चिरौरी की, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। चुनाव आते ही सियासी अब मॉडल टाउन के सपने को साकार करने की बात करने लगे हैं।
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क्या कहते हैं नागरिक-
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फोटो नं-12
अखिलेश सरकार की योजना थी। इसलिए भाजपा वालों ने काम नहीं किया। जनहित के मामलों में अपना-पराया नहीं देखना चाहिए। भाजपा के लोग चाहते तो मॉडल टाउन बन जाता।-देवेश भट्ट
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फोटो नं-11
करारी मॉडल टाउन बन जाता तो यहां के लोगों को शहरी सुविधा मिलती। नेताओं ने आमजन की उम्मीद पर पानी फेर दिया। आगे भी नेता इस पर काम कर लें तो अच्छा होगा।-संजीत गुप्ता
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फोटो नं-10
ये सब वादे हैं वादों का क्या । सत्ता परिवर्तन के बाद ही लग गया था कि मॉडल टाउन नहीं बनेगा। कभी अखिलेश सरकार आएगी तो फिर उम्मीद की जाएगी।-परवेज रिजवी
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फोटो नं-09
इस सरकार में करारी का अपेक्षाकृत विकास नहीं हुआ है। विधायक ने आरओ प्लांट का उद्घाटन किया। फिर प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। मॉडल टाउन तो अब शायद सपना ही रहेगा।-खालिद जाफरी
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