मंझनपुर/करारी। दोआबा में तीनों सर्किल की प्रमुख कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर अब अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आएंगे। अपराध, प्रशासन और कानून व्यवस्था के लिए सबकी अलग जिम्मेदारी होगी। सबका अपना अलग काम होगा। डीजीपी का पत्र मिलते ही एसपी ने काबिल इंस्पेक्टरों की तलाश शुरू कर दी है।
कौशाम्बी एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि जिले में मंझनपुर, सिराथू और चायल समेत कुल तीन सर्किल हैं। मंझनपुर खुद, सिराथू सर्किल की सैनी और चायल सर्किल की पूरामुफ्ती कोतवाली में चार-चार कोतवालों की तैनाती की जाएगी। चार में एक प्रभारी निरीक्षक होगा, जो सभी कामों की मॉनीटरिंग करेगा। इसके अलावा एक इंस्पेक्टर को प्रशासन, दूसरे को अपराध और तीसरे को कानून व्यवस्था संभालने का दायित्व सौंपा जाएगा। इसके बाद भी अपराध नहीं रुका तो जिम्मेदारों की खैर नहीं होगी। जिसके स्तर से चूक होगी, उस निरीक्षक को लाइन का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
वरिष्ठ होना चाहिए इंस्पेक्टर
मुख्य प्रभारी निरीक्षक वरिष्ठ होना चाहिए। बाकी प्रशासन, अपराध और कानून व्यवस्था संभालने का जिम्मा किसी भी इंस्पेक्टर को सौंपा जा सकता है। इसके बाद एसपी ने अब निरीक्षकों की सूची खंगालनी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही सर्किल की तीनों प्रमुख कोतवालियों में चार-चार निरीक्षक तैनात कर दिए जाएंगे।
दरोगा को भी मिल सकता है प्रभार
डीजीपी का स्पष्ट निर्देश है कि किसी कोतवाली में यदि चार के बजाए तीन निरीक्षक ही पोस्ट हैं तो वहां का मुख्य प्रभारी निरीक्षक अपने विवेक से किसी भी दरोगा को अतिरिक्त प्रभार दे सकता है। इसके लिए उसे एसपी की सहमति लेनी पड़ेगी। बतादें कि इस निर्देश के बाद निरीक्षकों में क्रीम कोतवालियों का प्रभार हथियाने की होड़ लग गई है।
मंझनपुर में पहले से ही दो इंस्पेक्टर पोस्ट हैं। आवश्यक्ता के हिसाब से तीनों कोतवालियों में और निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी। सभी का काम बांट दिया जाएगा। डीजीपी का निर्देश प्राप्त हुआ है।
प्रदीप गुप्ता-एसपी