शासन-प्रशासन की धमकी से न डरें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
-46वें दिन धरने में शामिल हुए प्रदेश अध्यक्ष ने दी आंदोलन को हवा
मंझनपुर (ब्यूरो)। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के धरने में शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पांडेय शामिल हुए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि शासन-प्रशासन की धमकी से डरने की जरूरत नहीं है। चेताया कि मांगे पूरी न होने तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 23 अक्तूबर से सदर ब्लॉक परिसर में धरनारत हैं। आरोप है कि डेढ़ माह का समय बीत जाने के बाद भी प्रदेश सरकार मांगों के प्रति संजीदा नहीं हुई। शनिवार को 46वें दिन प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पांडेय ने कहा कि नोटिस देकर प्रशासन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश कर रहा है। प्रशासन को मालूम नहीं कि कार्यकर्ता इस तरह के नोटिस से डरने वाले नहीं हैं। यह आंदोलन मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा। प्रदेश संरक्षक अमरेंद्र सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आंदोलन को लगातार जारी रखें। एक दिन ऐसा आएगा जब प्रदेश सरकार को झुकना होगा और मांगे पूरी करनी होंगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा नो वर्क नो पे की चेतावनी दी जा रही है। उनकी इस चेतावनी का असर एक भी कार्यकर्ता पर पड़ने वाला नहीं है। इस लड़ाई को तभी बंद किया जाएगा जब आंगनबाड़ियों को उनका हक मिलेगा। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष संजना दीक्षित, मंजू यादव, शीला, सहरोज फात्मा, निशांत बेगम, सुषमा सिंह, रेनू प्रजापति, सुशीला, विजय लक्ष्मी, मंजू देवी, शाहदा खातून, निशा, माया सिंह सहित जिले भर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बढ़ी विद्युत दरों को तत्काल वापस ले सरकार
अपना दल कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा
मंझनपुर (ब्यूरो)। अपना दल कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष विनोद कसेरा की अगुवाई में प्रदेश सरकार के विरोध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम मनीष कुमार वर्मा को सौंपा। ज्ञापन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बढ़ी विद्युत दरों को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की है।
विद्युत नियामक बोर्ड व प्रदेश सरकार द्वारा बिजली की दरों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी कर दी गई है। कमरतोड़ महंगाई के बीच बिजली की बढ़ी दर से प्रदेश की जनता का बजट पूरी तरह से बिगड़ जाएगा। जनहित को देखते हुए शनिवार को अपना दल जिलाध्यक्ष विनोद कसेरा की अगुवाई में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता डीएम मनीष कुमार वर्मा से मिले। उन्हें राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बढ़ी विद्युत दरों को रोकने, कृषि संबधित सभी यंत्रों से जीएसटी हटाने, समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद कराने, छुट्टा जानवरों को तत्काल कांजी हाउस में बंद कराने व किसानों को बिजली और डीजल में अतिरिक्त सब्सिडी दिलाने जैसी मांगें शामिल रहीं। ज्ञापन देने वालों में शुभेंद्र श्रीवास्तव, अरविंद पटेल, लालजी पटेल, बद्री प्रसाद, दिनेश सिंह, बीर सिंह, अजय सिंह, जय प्रकाश, मनोज विश्वकर्मा, बासुदेव पटेल, बसंत लाल श्रीवास्तव, लवकुश आदि शामिल रहे।