बोर्ड परीक्षा: नकल माफिया ने कॉपियां लिखाने का खोला रेट
परीक्षा केंद्र बने वित्तविहीन स्कूलों में शुरू हुआ खेल, अजुहा चर्चा में
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। दोआबा के शिक्षा माफिया ने यूपी बोर्ड परीक्षा में वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों की नजरों से बचने का तरीका निकाल लिया है। इस बार माफिया चिट अथवा इमला बोलकर नकल कराने की जगह सीधे कॉपी बदलने का ठेका ले रहे हैं। इसके लिए 25 हजार रुपये का रेट खोल दिया है। अजुहा इस खेल में सबसे आगे चल रहा है।
दोआबा के शिक्षा माफिया का कोई जोड़ नहीं है। पिछले साल सरकार ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया तो शातिरों ने इमला बोलकर नकल कराना शुरू कर दिया। इसकी भनक लगने पर इस बार शासन ने कक्ष के दोनों तरफ वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया। ताकि इमला बोलकर नकल कराने वालों की आवाज रिकार्ड की जा सके, लेकिन शातिरों ने इसकी भी काट निकाल ली। सूत्रों की मानें तो परीक्षा केंद्र बने 50 वित्तविहीन स्कूलों में आधे से अधिक ने ठेका लेना शुरू कर दिया है। माफिया कॉपी बदलने के लिए परीक्षार्थियों से 25-25 हजार रुपये वसूल रहे हैं। मांग पूरी होने के बाद परीक्षार्थी को कॉपी का सिर्फ ऊपरी पन्ना भरने की सलाह दी जाती है। अंदर के सभी पन्ने खाली छोड़कर रखे जाते हैं। परीक्षा अवधि खत्म होने से 15 मिनट पहले बाथरूम के बहाने परीक्षार्थी को बाहर बुलाकर लिखी हुई कॉपी सादे पन्ने से बदल दी जाती है। इस खेल के बारे में केंद्र की पहरेदारी में लगे सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट को भनक नहीं लग पाती है। इस तरह का खेल अजुहा क्षेत्र के स्कूलों में ज्यादा हो रहा है। मंगलवार को द्वितीय पाली की परीक्षा में तो इस क्षेत्र के एक केंद्र ने सारी सीमाएं ही लांघ दी। बताया जा रहा है कि केंद्र ने करीब डेढ़ सौ कॉपियां बदलवा दी। इस वजह से यहां की कॉपियां आठ बजे के बाद संकलन केंद्र में जमा हो सकीं। डीआईओएस का कहना है कि प्रशासन की ओर से लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। सभी संभावित पहलुओं पर निगाह रखी जा रही है। अगर ऐसा कुछ हो रहा है तो जल्द ही नकल माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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परफोरेशन मिलान में पकड़ जाएगा खेल
बोर्ड परीक्षा में इस्तेमाल की जा रही कॉपी में सिर्फ ऊपर ही कोडिंग है। बाकी पन्नों में परफोरशन (छेदा गया है) किया गया है। ऐसे में कॉपी बदलने वालों के खेल को पकड़ने के लिए परफोरशन का मिलान किया जाए तो असलियत खुद-ब-खुद सामने आ जाएगी। जानकारों का कहना है कि बदली हुई कॉपी का परफोरेशन एक सीध में नहीं मिलान हो पाएगा।
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किसान सम्मान निधि में फंसे स्टेटिक और पर्यवेक्षक
मंझनपुर। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने परीक्षा केंद्र बने सभी 50 वित्तविहीन स्कूलों की पहरेदारी के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर रखी है। साथ ही पर्यवेक्षक के रूप में लेखपालों को भी लगाया गया है। पर, इस वक्त प्रधानमंत्री किसान सम्मानि निधि का कार्य रातों दिन चलने के कारण किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को दूसरे कार्र्यों की तरफ देखने की फुर्सत नहीं है। इसका फायदा नकल माफिया ने उठाना शुरू कर दिया है। भनक लगते ही डीएम ने बुधवार को जिले के 20 परीक्षा केंद्रों के स्टेटिक मजिस्ट्रेट बदल दिए।
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779 परीक्षार्थियों ने छोड़ा इम्तिहान
मंझनपुर। बुधवार को बोर्ड परीक्षा में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं पकड़ी जा सकी। प्रथम पाली में हाईस्कूल गृह विज्ञान की परीक्षा थी। इसके लिए पंजीकृत 7758 छात्राओं में 6980 ने ही परीक्षा दिया। जबकि द्वितीय पाली में इंटर अर्थशास्त्र का पेपर था। डीआईओएस ने बताया कि द्वितीय पाली की परीक्षा के लिए सिर्फ आठ छात्र पंजीकृत थे। इनमें से केवल सात ने ही इम्तिहान दिया। इस तरह से करीब 779 परीक्षार्थ्यो ंने मैदान छोड़ दिया।