आयुष्मान भारत: सूची में शामिल रईसोें की होगी छटनी
ढाई एकड़ से अधिक भूमि वाले किए जाएंगे योजना से वंचित
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने अपात्रों को चिह्नित करने का दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की सूची में शामिल रईसों की छटनी होगी। गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके ढाई एकड़ से अधिक भूमि के मालिकों को योजना से हटा दिया जाएगा। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया है। डीएम की निगरानी में अपात्रों का सत्यापन किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना संचालित किया है। हाल ही में संचालित योजना में महज दो महीने के भीतर ही तमाम तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। इन्हीं में से एक है रईसों का सूची में शामिल होना। दरअसल योजना के तहत वर्ष 2011 की सामाजिक, आर्थिक जनगणना के आधार पर चिंहित गरीबों को पात्रता की सूची में शामिल किया गया है। जिले में इसके तहत 1,16,160 परिवार चिह्नित किए गए हैं। इनमें तमाम ऐसे परिवार भी शामिल हैं जिनकी गुजरे सात साल के दौरान माली हालत सुधर गई है। ऐसे लोग गरीबी की सूची में भले ही शामिल हों पर, असल में वो अमीर हैं। प्रदेश भर से मिल रही इस तरह की शिकायतों को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने गंभीरता से लिया है। प्रमुख सचिव ने ऐसे परिवारों को चिह्नित कर सूची से बाहर करने के लिए सीएमओ को पत्र भेजकर निर्देश जारी किया है। जिनके पास ढाई एकड़ से अधिक भूमि है।
बाहर होंगे आयकर दाता और बड़े कृषक
योजना के नए मानदंडों के तहत सरकारी वेतन भोगी, आयकर दाता, प्रोफेशनल टैक्स दाता, ढाई एकड़ से अधिक भूमि पर खेती करने वाले कृषकों को पात्रता की सूची से बाहर किया जाएगा।
इनका कहना है
प्रमुख सचिव का पत्र मिला है। इसके आधार पर योजना में शामिल लोगों की जांच कराकर अपात्रों को सूची से हटाया जाएगा।
डॉ. हिंदमणि-नोडल अफसर, आयुष्मान भारत