ठंड लेकर आईं पछुआ हवाएं
-कोहरे की धुंध के साथ बढ़ी गलन से अस्त-व्यस्त हुआ जनजीवन
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अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कोहरे की धुंध के साथ मौसम ने एक बार फिर तेवर बदल दिया है। एकाएक पारा लुढ़कने से दोआबावासी ठिठुर उठे। 48 घंटे से मौसम आक्रामक बना है। शीत लहर के साथ बढ़ी गलन कातिल हो गई है। मौसम विभाग के जानकारों की मानें तो पारा लगातार लुढ़क रहा है। पखवारे भर में मौसम ने तीसरी बार करवट बदली। पछुआ हवा के साथ कोहरे की धुंध छाई हुई है। 48 घंटे से भगवान भाष्कर लुकाछिपी का खेल कर रहे हैं। एकाएक पारा में गिरावट आने से शीत लहर के साथ गलन भरी ठंड से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर कस्बों के साथ गांवों में भी सन्नाटा छाया हुआ है। लोग दिन-रात बिस्तर में दुबक ने को मजबूर हैं।
अलाव के नहीं है इंतजाम
मंझनपुर (ब्यूरो)। कड़ाके ठंड के साथ बढ़ी शीतलहर लोगों के जान की दुश्मन बनी हुई है। कस्बो, बस अड्डो में अलाव के इंतजाम नहीं किए जा रहे है। मुसाफिर इस ठंड में कांपते हुए बस अड्डो पर घंटों वाहन के इंतजार में खडे़ रहते हैं। जिला प्रशासन की इस अनदेखी के चलते लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
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बेजुबानों के लिए ठंड बनी आफत
मंझनपुर (ब्यूरो)। शीतलहर के साथ बढ़ी ठंड का कहर सबसे ज्यादा बेजुबान पशुओं को झेलना पड़ रहा है। धूप नहीं निकलने से बेजुबान कोठरी में सिकुड़ रहे हैं। पशुपालक भी ठंड की इस आफत में सहमे हुए हैं। बढ़ रही कोहरे की धुंध से पशुपालकों की चिंता भी बढ़्ती जा रही है।
123 चालकों-परिचालाकों के आंखों की हुई जांच
-परिवहन विभाग की ओर से एआरटीओ दफ्तर में लगाया गया नेत्र परीक्षण शिविर
फोटो-18,शिविर में चालकों को प्रशिक्षण देते एआरटीओ
मंझनपुर (ब्यूरो)। परिवहन विभाग की ओर से शुक्रवार को एआरटीओ कार्यालय में शिविर का आयोजन किया गया। इसमें चालकों का प्रशिक्षण रिफ्रेसर कोर्स एवं आंखों की जांच की गई। एआरटीओ शंकर जी सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञों की टीम ने शिविर में 123 चालक-परिचालकों के आंखों की मुफ्त जांच की। इस दौरान कुछ की आंखों में मोतियाबिंद के लक्षण पाए गए। ऐसे मरीजों को ऑपरेशन की सलाह दी गई। इस दौरान एआरटीओ के साथ ही यातायात प्रभारी संतराम सरोज ने चालकों को ड्राइविंग का प्रशिक्षण व यातायात ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी।
संक्रामक बीमारी की आशंका से दहशत में ग्रामीण
मंझनपुर (ब्यूरो)। सिराथू ब्लाक के साढ़ो गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है। पानी निकासी के लिए बनी नालियां चोक हो चुकी हैं। ऐसे में नाली का गंदा पानी गलियों में बहता रहता है। इससे लोगों का घरों से निकलना भी दुश्वार है। गांव के कमलेश कुमार, दिनेश कुमार, रामू, रामनारायण आदि का कहना है कि महीनों से सफाई कर्मी नियमित ड्यूटी पर नहीं आ रहा है। जिसकी शिकायत कई बार खंड विकास अधिकारी से की गई। पर, मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में संक्रामक बीमारी फैलने का भय बना ै।