ताला बंद और दागी स्कूल भी बन गए परीक्षा केंद्र
केंद्र निर्धारण में लगातार मिल रही खामियों से खड़े हुए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद के परीक्षा केंद्र निर्धारण में मानकों का खूब मजाक उड़ाया गया। रोजाना कोई न कोई गड़बड़ी सामने आ रही है। अनंतिम सूची में शामिल ताला बंद और सामूहिक नकल के आरोपी स्कूलों को भी सेंटर बनाया गया है। इन गड़बड़ियों को लेकर दूसरे स्कूल संचालकों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए परिषद ने पिछले हफ्ते जिले के 65 स्कूलों की अनंतिम सूची जारी की थी। परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक होते ही गड़बड़ियों को लेकर होहल्ला शुरू हो गया। लोग धड़ाधड़ आपत्तियां दर्ज कराने लगे। इन्हीं आपत्तियों के चलते दो ऐसे स्कूलों का नाम सामने आया जिन्हें किसी भी सूरत में केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए था। सूची में शामिल आशा देवी इंटर कॉलेज धुमाई में सीसीटीवी, शौचालय, कम्प्यूटर कक्ष तो दूर बच्चों के बैठने के लिए न तो भवन है और न ही फर्नीचर। इसके बाद भी मानक को दरकिनार कर सेंटर बना दिया गया। इसी तरह केंद्रों की सूची में शामिल देशबंधु इंटर कॉलेज बैशकांटी में तत्कालीन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वीर बहादुर सिंह ने 13 अप्रैल को इंटर अंग्रेजी की परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में सामूहिक नकल के आरोप में कॉलेज की परीक्षा निरस्त कर काली सूची में डालने की संस्तुति की थी। इसके बाद भी कॉलेज को सेंटर बनाए जाने से दूसरे स्कूल संचालकों ने आपत्ति दर्ज कराई है। डीआईओएस सत्येंद्र सिंह का कहना है कि केंद्र की यह अनंतिम सूची है। अंतिम सूची से पहले आपत्तियों की जांच-पड़ताल की जाएगी।
किसने दिया साथ किसने खींचा हाथ पर मंथन कर रहे प्रत्याशी
सिराथू (कौशाम्बी)। नगर पंचायत सिराथू में निकाय चुनाव खत्म होने के बाद प्रत्याशी हार जीत का आंकलन करने में जुटे हैं। सभी प्रत्याशी अपने-अपने नजरिए से वोटिंग को लेकर ध्रुवीकरण से संभावित नफा-नुकसान का विश्लेषण कर रहे हैं। देखना होगा कि किस प्रत्याशी का आंकलन सबसे सटीक बैठता है ।
डिप्टी सीएम केशव मौर्या के गृहनगर सिराथू में निकाय चुनाव प्रतिष्ठापरक हो गया था। चुनाव के दौरान एक-एक वोट को अपने पक्ष में करने के लिए अध्यक्ष पद के दावेदारों ने तरकश के हर तीर चलाए। अब प्रत्याशी अपनी गहराई का अंदाजा लगाने के लिए एक-एक वोट का हिसाब जोड़-घटा रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा की प्रत्याशियों की यह गुणा-गणित उन्हें कुर्सी तक पहुंचाने में कहा तक कामयाब हो पाती है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि नगर पंचायत का चुनाव परिणाम चौंकाने वाला आएगा। इस चुनाव को लेकर भाजपा के विधायक शीतला प्रसाद पटेल अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी। मगर ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो एक दिसंबर को मतपेटियां खुलने के बाद ही पता चलेगा।