मंझनपुर (ब्यूरो)। भूमि विवाद के एक मामले में कोतवाल का आदेश एसडीएम सिराथू पर भी भारी पड़ा। एसडीएम ने जिस सरकारी जमीन पर हो रहे निर्माण को रुकवाकर शांति व्यवस्था कायम करने का निर्देश दिया, उसे सदर कोतवाल ने तवज्जों नहीं दी। नतीजतन निर्माण सरकारी जमीन पर हो रहा है। सीओ की फटकार के बाद पुलिस ने काम बंद कराया।
सिराथू तहसील के निजामपुर नौगीरा गांव निवासी बदलू पासी ने एसडीएम सिराथू ज्योति मौर्या को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके घर के पीछे आबादी की कुछ जमीन पड़ी है। उस तरफ उसका दरवाजा काफी पहले से लगा है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले बोधन ने सरकारी जमीन पर निर्माण कराना शुरू कर दिया। इससे बदलू के घर के पीछे का निकास बंद हो गया। शिकायत पर हलका प्रभारी मौके पर पहुंचे और काम बंद कराने का निर्देश दिया। पुलिस के हटने के बाद निर्माण फिर शुरू हो गया। इस पर पीड़ित ने एसडीएम सिराथू से शिकायत की। एसडीएम ने निर्माण रुकवाते हुए शांति व्यवस्था कायम रखने का निर्देश सदर कोतवाल को दिया। बदलू के मुताबिक वह एसडीएम का आदेश लेकर कोतवाली पहुंचा तो वहां कोतवाल अजीत पांडेय बिफर गए। उन्होंने कहा कि वह एसडीएम का आदेश नहीं मानते। एसडीएम खुद आकर निर्माण रुकवा दें। इस पर पीड़ित ने शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों से की। मामले में सीओ सदर एसएन पाठक का कहना है उन्होंने जांच पूरी होने तक निर्माण रोकने का निर्देश दे दिया है। किसी भी पक्ष से मिलीभगत का मामला सामने आता है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।