दो साल में ही धंसगई लाखों के शौचालय की फर्श
मानक की अनदेखी कर ठेकेदार ने करा दिया है निर्माण
चौराहे से दूर बनने पर निष्प्रयोज्य साबित हो रहा शौचालय
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करारी (ब्यूरो)। स्थानीय नगर पंचायत में मानक की अनदेखी कर बनवाए गए शौचालय की फर्श दो साल में ही धंसने लगी है। शौचालय के अंदर लगी टाइल्स भी अपने-आप उखड़कर गिरने लगी हैं। चौराहे से पांच सौ मीटर दूरी पर बनवाया गया शौचालय निस्प्रयोज्य हो गया है।
नगर पंचायत करारी चौराहे पर शौचालय नहीं होने से मुसाफिरों के साथ ही दुकानदारों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों ने चौराहे पर सुलभ कांप्लेक्स बनवाने की मांग की तो नगर पंचायत प्रशासन ने इसके लिए दस लाख रुपए का इस्टीमेट वर्ष 2015 में पास कर दिया। इस्टीमेट पास होने के बाद शौचालय का निर्माण चौराहे से पांच सौ मीटर दूरी पर एक स्थानीय ठेकेदार से कराया गया। ठेकेदार ने मानक को ताक पर रखकर निर्माण कार्य पूरा दिया। शौचालय निर्माण को दो साल भी पूरे नहीं हुए और उसकी फर्श धंस गई। टाइल्स भी दीवार छोड़कर गिरने लगी हैं। महज दो साल के भीतर शौचालय के गुणवत्ता की पोल खुलने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि निर्माण से विकास का पैसा भले ही खर्च हुआ हो पर इससे किसी का भला नहीं हो रहा है। क्योंकि इसका निर्माण चौराहे से आधा किलोमीटर दूर कराया गया है।
क्या कहते हैं लोग
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चौराहे पर शौचालय न होने से आने-जाने यात्रियों व दुकानदारों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। लोगों को मजबूरी में चौराहे से दूर खुले में शौच जाना पड़ रहा है। नगर प्रशासन से कई बार चौराहे पर शौचालय बनवाने की मांग की गई पर सुनवाई नहीं हो रही है।
राजेश मौर्य-करारी
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चौराहे पर शौचालय न होने से दुकानदारों को काम छोड़कर अपने घर या फिर चौराहे से दूर जाना पड़ता है। चौराहे से दूर होने के कारण मुसाफिरों को शौचालय की सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसे में चौराहे पर एक अदद शौचालय बेहद जरूरी हो गया है।
बब्लू-करारी
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करारी चौराहे से इलाहाबाद, मंझनपुर, सिराथू व कानपुर के लिए लोग आवागमन करते हैं। लोगों को मूत्रालय व शौचालय की जरूरत महसूस होती है। चौराहे पर इसका इंतजाम न होने के कारण मजबूरी में लोग खुले में जाते हैं। सबसे अधिक कठिनाई महिलाओं को उठानी पड़ती है।
सुखलाल-करारी
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नगर पंचायत करारी व्यस्त चौराहों में से एक है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। शौचालय के अभाव में लोगों को समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार नगर प्रशासन से मांग की गई। पर, कोई सुनवाई नहीं हुई।
मुन्नू मिस्त्री-करारी
क्या कहते हैं ईओ
दो साल पहले बने शौचालय की फर्श धसकने और टाइल्स टूटने की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो उसे ठीक कराया जाएगा। चौराहे पर नगर पंचायत की भूमि न होने की वजह से निर्माण अन्यत्र कराया गया है।
लालजी यादव, ईओ करारी