ई-टेंडरिंग के लिए नहीं मिल रहे करोड़पति
विभाग ने 37 करोड़ का निर्धारित किया बालू का एक घाट
कौशांबी में 108 बालू घाटों का होना है टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
ई-टेंडरिंग के जरिए यमुना बालू घाटों का पांच वर्ष के लिए ठेका होना है। इस बार बालू घाटों की रॉयल्टी करोड़ों रुपए में निर्धारित की गई है। इसकी जानकारी बालू कारोबारियों को हुई तो उनके पसीने छूट गए। अब उन्हें बालू का पट्टा लेने के लिए करोड़पति की तलाश है, जो ढूढ़े नहीं मिल रहे हैं।
खनिज विभाग द्वारा जिले के रिक्त पड़े लगभग 108 बालू घाटों की ई-टेंडरिंग कराए जाने की तैयारी की जा रही है। घाटों का चिह्नांकन करने के बाद विभाग ने प्रत्येक घाट की रॉयल्टी लगभग 37 करोड़ रुपए निर्धारित की है। एक से दो करोड़ रुपए में मिलने वाले यमुना बालू घाटों के पट्टों की कीमत 37 करोड़ पहुंचने की जानकारी जिले के बालू कारोबारियों को हुई तो उनके माथे पर पसीना आ गया। कारोबारियों के पास पहले तो इतनी बड़ी रकम ही नहीं है। यदि किसी के पास है भी तो वह इसे वैध धनराशि के रूप में दिखा नहीं पा रहा है। ऐसे में यदि उन्होंने करोड़ों का घाट लेने की कोशिश की तो ब्लैक मनी पर टैक्स लगना शुरू हो जाएगा। इससे कारोबारियों की बेचैनी बढ़ी है।
छह माह का पट्टा नहीं ले सके थे कारोबारी
पिछले दिनाें जिले में दर्जन भर बालू घाटों का पट्टा छह माह के लिए निकाला गया था। ई-टेंडरिंग के माध्यम से आवंटित होने वाले इन बालू घाटों में आठ पर टेंडर डाले गए थे। आठ टेंडर में महिला व ब्यूर घाटों को छोड़कर बाकी छह घाटों पर पंजाब, राजस्थान व हरियाणा के लोगों का दबदबा रहा। गैर प्रांत से आए कारोबारियों ने दो से चार करोड़ रुपए देकर महज छह माह के लिए दस-दस एकड़ का पट्टा झटक लिया था।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले में पांच साल के लिए दिए जाने वाले बालू घाटों की टेंडरिंग कोल माइंस की तर्ज पर कराई जाएगी। निर्धारित रॉयल्टी से कम पर एक भी घाट का आवंटन नहीं होगा। बालू पट्टे का आवेदन करने वाले टॉप फाइव लोगों के बीच ऑनलाइन बोली लगवाकर आवंटन किया जाएगा।
राजरंजन, खनन निरीक्षक