जिले के खिलाड़ियों को एक ही हाल में विभिन्न प्रकार के खेल खेलने की सुविधा जल्द मिलेगी। भारत सरकार के ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के तहत जिले में जल्द ही ट्वल्व कोर्ट मल्टी परपज हाल का निर्माण कराया जाएगा। शासन का पत्र मिलने के बाद निर्माण के लिए सात एकड़ भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है। भूमि मिलते ही शासन द्वारा 792.12 लाख रुपए युवा कल्याण विभाग को मुहैया करा दिए जाएंगे।
खिलाड़ियों को एक स्थान पर विभिन्न खेल खेलने का मौका जल्द मिलने वाला है। भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के तहत ट्वल्व कोर्ट मल्टी परपज हाल का निर्माण कराया जा रहा है। इस कार्यक्रम से जिले को भी जोड़ा गया है। खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जिले के युवा कल्याण अधिकारी को इस बाबत पत्र भेजकर भूमि चिह्नित कराने का निर्देश दिया गया है। पत्र मिलने के बाद युवा कल्याण अधिकारी पीके तिवारी जिले में भूमि की तलाश में जुट गए हैं।
जिला युवा कल्याण अधिकारी ने बताया कि खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत मल्टी परपज हाल का निर्माण सात एकड़ भूमि पर 792.12 लाख रुपए से कराया जाएगा। इसमें टेनिस कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट, हॉकी फील्ड, स्वीमिंग पूल, वालीबाल, फुटबाल सहित 12 खेलों का आयोजन एक ही स्थान पर हो सकेगा। जिले के खिलाड़ी अपनी रुचि के अनुरूप एक ही स्थल पर खेल सकेंगे। यूं कहें कि ट्वल्व कोर्ट मल्टी परपज हाल जिले के खिलाड़ियों के लिए एक नया आयाम साबित होगा।
मल्टी परपज हॉल में खेलेंगे दोआबा के खिलाड़ी
एक ही स्थान पर विभिन्न खेलों की होंगी सुविधाएं
आठ करोड़ की लागत से सात एकड़ में बनेगा हाल
सुविधा न होने से निखर नहीं पा रहीं प्रतिभाएं
जिले के गांवों में खिलाड़ियों के लिए कोई मुफीद स्थान नहीं है। सुविधाओं के अभाव में गांव की प्रतिभाओं को ऊंचाई नहीं मिल पाती। वर्ष 2008-09 में इस बाबत शासन द्वारा पायका केंद्र के रूप में कदम उठाया गया था। इन केंद्रों पर क्रीड़ाश्री की तैनाती करते हुए एक-एक लाख का खेल का सामान भी मुहैया कराया गया, लेकिन दो साल में ही योजना बंद हो गई। इसके साथ ही मैदान और खेल के सामान गायब हो गए। अब नई पहल से खिलाड़ियों को एक ही स्थान पर खेलने का अच्छा मौका मिल सकेगा।
खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत सरकार जिले में एक मल्टी परपज हाल बनवा रही है। इसके लिए भूमि का प्रस्ताव मांगा गया है। जिला प्रशासन से मिलकर भूमि की तलाश शुरू करा दी गई है। सात एकड़ भूमि मिलते ही दस्तावेज शासन को भेजा जाएगा। धन मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएगा।
पीके तिवारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी