काम की तलाश में भटक रही मजदूरों की फौज, नहर में गरजा जेसीबी
शासनादेश दरकिनार कर कनैली माइनर में कराई जा रही सिल्ट सफाई
मजदूर संघ के मंत्री ने जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
बारा। कौशाम्बी विकास खंड के कनैली माइनर में सिल्ट सफाई मजदूरों के बजाय, जेसीबी से कराई जा रही है। शासनादेश को दरकिनार कर हो रहे काम को लेकर मजदूरों में गुस्सा है। श्रमिक संगठन के मंत्री ने तत्काल काम बंद कराए जाने की मांग की है।
शासन का साफ निर्देश है कि छोटी माइनरों की सफाई मशीन के बजाय मजदूरों से कराई जाए। इससे इलाके के गरीब परिवारों को जहां काम मिलेगा वहीं नहर की सफाई भी गुणवत्तापूर्ण होगी। शासन के आदेश को दरकिनार करते हुए कनैली माइनर की सफाई जेसीबी से कराई जा रही है। मजदूर संगठन के मंत्री बड़गांव निवासी असर्फीलाल का कहना है कि नहर विभाग मजदूरों के साथ नाइंसाफी कर रहा है। क्षेत्र के जोगापुर, बैंगवां, मढ़ई आदि गांव में मजदूर काम की तलाश में भटक रहे हैं। उन लोगों को काम नहीं दिया जा रहा है। जेसीबी से खुदाई कराकर लाखों रुपये का गोलमाल करने के लिए यह खेल किया जा रहा है। मजदूर कंघई लाल, बरमदीन, रामसवांरे आदि का कहना है कि वह लोग काम मांगने जाते भी हैं तो ठेकेदार मना कर देता है। पूरा काम जेसीबी से कराया जा रहा है। इस बाबत अधिशाषी अभियंता आरके निरंजन समय कम होने की वजह से जेसीबी व मजदूर दोनों को लगाकर काम कराया जा रहा है। मजदूरों को भी काम दिया गया है।
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सीओ नहीं कर रहे विवेचना में सहयोग
मंझनपुर। चरवा कोतवाली के अयोध्या का पूरा गांव में रहने वाली सुचित्रा देवी पुत्री लालचंद्र सरोज ने मारपीट और दलित उत्पीड़न के मामले में विवेचना बदले जाने की मांग किया है। मंगलवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से शिकायत करने आई सुचित्रा का कहना है कि प्रकरण की जांच सीओ चायल कर रहे हैं। घटना के बाद से आरोपियों से सुलह करने का दबाव बना रहे हैं। सुचित्रा ने मामले की विवेचना किसी अन्य सीओ से कराने की मांग किया है।
फोटो नं-8