तिल-तिल कर मरने को मजबूर हैं बंधक बने गोवंश
भगत का पूरा के ग्रामीणों ने बाड़ बनाकर मवेशियों को किया है कैद
अमर उजाला ब्यूरो
पश्चिमशरीरा। सदर तहसील के भगत का पूरा गांव में बंधक बनाकर रखे गए गोवंश भूख और प्यास की वजह से तिल-तिलकर मरने को मजबूर हैं। गांव के लोगों ने बांस की बाड़ बनाकर मवेशियों को कैद कर रखा है। अब तक यहां पांच गायों की मौत हो चुकी है।
भगत का पूरा गांव यमुना नदी के किनारे है। पिछले दिनों चित्रकूट जिले के राजापुर इलाके से तमाम गोवंश नदी के इस पाकर लाकर छोड़े गए थे। यह अन्ना मवेशी गांव के खेतों में लहलहा रही फसलों को चट कर रहे थे। इसे लेकर गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से शिकायत किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर ग्रामीणों ने घनश्याम सिंह की अगुवाई में खुद से गोशाला का निर्माण कर लिया। बांस की बाड़ बनाकर करीब 150 गोवंश को कैद किया गया है। मवेशियों को पानी के पानी के लिए एक निजी सबमर्सिबल से नाली खोदी गई है। बिजली आने पर सबमर्सिबल चलवाया जाता है। मवेशी यहीं नाली से पानी पीते हैं। इन दिनों चारे का संकट होने से ग्रामीण मवेशियों को सरसों का भूसा देते हैं। यह भूसा रूखा होने की वजह से मवेशी उसे नहीं खाते। इसे लेकर सोमवार को एक गाय की मौत हो गई। इससे पहले भी चार गोवंश की मौत हो चुकी है। ग्रामीण घनश्याम सिंह का कहना है कि मवेशियों के चारा-पानी की व्यवस्था की गई है। मवेशियों की मौत बीमारी की वजह से हुई है। चिकित्सक को बुलाया गया है।