घरों में चस्पा होने लगा सेवा समाप्ति का नोटिस
-शासन और प्रशासन के कदम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में खलबली
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। लगातार 54 दिन से आंदोलनरत आंगनबाड़ी वर्करों की सेवा समाप्त करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले सभी के घरों पर नोटिस चस्पा किया जा रहा है। महकमे के इस कदम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में अंदर ही अंदर खलबली मची है।
मानदेय बढ़ोतरी समेत अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 54 दिन से हड़ताल पर हैं। इस बीच इन लोगों ने पोषाहार वितरण तो किया ही नहीं, साथ ही पल्स पेालियो, मिशन इंद्रधनुष, वजन दिवस सरीखे राष्ट्रीय कार्यक्रमों का भी बहिष्कार कर दिया। इस दौरान शासन-प्रशासन की ओर से इन्हें मनाने की कई कोशिश की गई पर, कार्यकर्ताओं ने आंदोलन वापस नहीं लिया। हड़ताल लंबी खिंचने के कारण धीरे-धीरे प्रदेश के अधिकतर जिलों में एक-एक कर आंदोलन ठंडा पड़ गया। मौजूदा समय कौशाम्बी समेत बमुश्किल दस जिलों में ही आंदोलन चल रहा है। माहौल को भांपते हुए सरकार भी अड़ गई। पहले तो शासन ने इन सभी के मानदेय पर रोक लगाई और अब इनकी सेवा समाप्ति की कवायद शुरू कर दी है। बुधवार को राजधानी लखनऊ में समाज कल्याण आयुक्त की बैठक में मिले संकेत के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इस दिशा में काम प्रारंभ कर दिया है। बृहस्पतिवार से आंदोलनरत आंगनबाड़ी वर्करों के घर नोटिस चस्पा कराने के साथ ही जरिए रजिस्ट्री से इसकी सूचना भेजनी शुरू कर दी है। इसके चलते हड़ताली कार्यकर्ताओं में हड़कंप मचा है।
65 प्लस वालों की संविदा खतरे में
मंझनपुर (ब्यूरो)। उम्र की आखिरी दहलीज में खड़े आंगनबाड़ी वर्करों की संविदा खतरे में पड़ गई है। उड़ीसा हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश सरकार ने 65 साल से ऊपर वाले कार्यकर्ताओं की संविदा समाप्त करने के संकेत दिए हैं। बुधवार को राजधानी लखनऊ में कार्यक्रम अधिकारियों संग हुई बैठक से लौटने के बाद जिले में ऐसे लोगों को चिन्हित करने का काम शुरू हो गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश मिश्रा ने बताया कि शासनादेश आते ही ऐसे लोगों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
नवंबर का पोषाहार डंप, दिसंबर का रुका आवंटन
मंझनपुर (ब्यूरो)। नवंबर महीने में तीनों पोषाहार को मिलाकर जिले को 23 हजार 201 बैग पोषाहार प्राप्त हुआ था। इसमें से केवल 2497 बैग का ही कार्यकर्ताओं ने उठान किया। बाकी के 20 हजार 704 बैग पोषाहर अभी भी गोदामों में डंप है। इसके चलते दिसंबर महीने में जिले को मिलने वाले पोषाहर का आवंटन रोक दिया गया है।
एएनएम और आशा बांटेंगी पोषाहार
मंझनपुर (ब्यूरो)। आंगनबाड़ी वर्करों की हड़ताल के कारण गर्भवती महिलाओं, नौनिहालों के स्वास्थ्य को देखते हुए शासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। शासकीय फरमान पर इस महीने पोषाहार का वितरण ग्राम प्रधान और कोटेदार की निगरानी में कराया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषाहार वितरण का काम एएनएम और आशाएं करेंगी। दरअसल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशाओं के पास मौजूद लाभार्थियों की सूची एक समान होती है।
आंकड़ों पर एक नजर-
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जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र-1775
कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की सं.-2615
हड़ताली कार्यकर्ता एवं सहायिका की सं.-1540
क्या कहते हैं अफसर
सरकार की तरफ से साफ निर्देश है कि आंदोलित कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह की वार्ता न की जाए। उनकी संविदा समाप्त कर सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए। इसी के तहत हड़ताली वर्करों के घर नोटिस भेजा जा रहा है।
राकेश मिश्र
जिला कार्यक्रम अधिकारी