कोसम खिराज पेयजल परियोजना दस साल से ठप
रिबोर नहीं होने से दर्जन भर गांव के ग्रामीणों को पानी का संकट
अमर उजाला ब्यूरो
बारा। दस साल में तीन-तीन सरकारें बदल गईं। पर, कोसम खिराज गांव की पेयजल परियोजना का बंद बोर नहीं दुरुस्त कराया जा सका। इसके चलते परियोजना ठप है। नतीजतन क्षेत्र के दर्जन भर गांव के ग्रामीण हैंडपंपों पर लाइन लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
कौशांबी ब्लॉक के कोसम खिराज गांव में पेयजल परियोजना का निर्माण लगभग 30 साल पहले हुआ था। पानी टंकी के अलावा जोगापुर, बैगवां, चम्पहा रोड, व कोसम खिरोज में चार पंप अलग से लगवाए गए थे। लंबा समय बीतने के बाद कोसम खिराज जोगापुर, बैगवां, चंपहा रोड के पंप का बोर ब्रस्ट हो गया। ग्रामीणों की शिकायत पर जेई ने जांच कराया तो बोर ब्रस्ट पाया गया। जेई ने इसकी रिपोर्ट एक्सईएन जलनिगम को भेज दिया। चार पंपों का बोर ब्रस्ट होने के बाद पाइपलाइन से जलापूर्ति ठप हो गई। इसके बाद से दर्जन भर गांवों में पानी का संकट खड़ा हो गया। इन गांवों के ग्रामीण बूंद-बूंद पानी जुटाने के लिए हैंडपंपों पर लाइन लगाने को मजबूर हैं। जाड़े के मौसम में तो किसी तरह काम चल जा रहा है पर गर्मी के दिनों में कठिनाई के दौर से गुजरना पड़ता है। जिम्मेदार हैं कि दस साल बाद भी परियोजना को रिबोर कराकर चालू नहीं कर सके हैं। सबसे बुरा हाल सिंघवल, पाली, कोसम, हिसामबाद, गुरौली, चांदकन आदि गांवों के लोगों का है। तराई में बसे होने के चलते इन गांवों में हैंडपंपों का बोर भी कम हो पाता है। इसके चलते लोगों को पेयजल के संकट से गुजरना पड़ता है।
इनका कहना है
परियोजना बेहद पुरानी हैं। बोर खराब हो चुका है। रिबोर के लिए प्रस्ताव शासन को भेजवाया गया है। अभी तक धनराशि की मंजूरी नहीं हुई। इसके चलते परियोजना ठप हैं।
सौमित्र, एक्सईएन जलनिगम