बारा। प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही बरती जा रही है। कौशाम्बी ब्लॉक के नौ लाभार्थी ऐसे हैं जिन्होंने पहली और दूसरी किस्त का धन निकालने के बावजूद आवास का निर्माण नहीं कराया है। बताया जाता है कि ये लोग गैर जिला चले गए हैं। इसके अलावा करीब 60 लाभार्थियों के आवास दो साल बाद भी आधे-अधूरे पड़े हैं। खंड विकास अधिकारी ने 15 अगस्त तक निर्माण पूरा नहीं कराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
वर्ष 2016-17 एवं 17-18 के दौरान कौशाम्बी ब्लॉक के 57 ग्राम सभाओं में रहने वाले करीब 1983 ग्रामीणों के नाम प्रधानमंत्री आवास का आवंटन किया गया था। दो साल गुजरने के बावजूद करीब 85 लाभार्थियों के आवास अधूरे पड़े हैं। तमाम चेतावनी के बाद भी आवास तैयार नहीं होने पर विकास विभाग ने जांच कराई तो तमाम चाैंकाने वाली बातों का खुलासा हुआ। पता चला कि बरई बंधवा गांव के निसार उल्ला, घमसिरा की सिरीन बेगम, कोसम खिराज के रमेश चंद्र, फूलचंद्र आवास की पहली किस्त 40-40 हजार निकालने के बाद से लापता हैं। इसी तरह घमसिरा गांव की गीता देवी, फजुल्लापुर की सुमित्रा देवी गोइठा के पंक्षीलाल, वकील तथा बृज मोहन ने तो दूसरी किस्त यानी 70-70 हजार निकालने के बावजूद आवास नहीं बनवाया। अब इन सभी का कोई अता-पता भी नहीं है।
पड़ोसी बता रहे हैं कि यह सभी लाभार्थी कहीं बाहर चले गए हैं। इसके अलावा म्योहरिया के जसवंत का आवास निर्माण भूमि विवाद के कारण अटका पड़ा है। मुस्तफाबाद के लक्ष्मण, भखंदा उपरहार की राजवंती तथा मुस्तफाबाद के लक्ष्मण का खाता गलत होने से काम आगे नहीं बढ़ सका। दर्जन भर लाभार्थियों को तो तकनीकी दिक्कतों के कारण दूसरी किस्त ही नहीं मिल सकी। वहीं बीडीओ कौशाम्बी का कहना है कि दोनों वित्तीय वर्षो में विकास खंड के 57 गांवों में 1983 आवास आवंटित किए गए थे। इनमें से 85 आवास अधूरे हैं। सभी को 15 अगस्त तक निर्माण पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके बाद कार्रवाई कर दी जाएगी।