बगैर आधार के किसानों को नहीं मिलेगी उर्वरक
-शासकीय निर्देश पर नए साल से लागू होगी व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। किसानों को रासायनिक उर्वरक के लिए साथ में आधार कार्ड लेकर जाना होगा। नए साल से बगैर आधार कार्ड के किसी भी दुकान अथवा समितियों से उर्वरक का एक भी दाना नहीं मिल सकेगा। शासकीय फरमान पर कृषि विभाग ने इसके लिए सभी को निर्देश जारी कर दिया है।
उर्वरकों की कालाबाजारी एवं नकली खाद की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने तगड़ी योजना बनाई है। इसके तहत पहली जनवरी वर्ष 2018 से प्रदेश को गो-लाइव कर दिया जाएगा। इसके बाद किसानों को बगैर आधार कार्ड के उर्वरकों की बिक्री पर पाबंदी लग जाएगी। किसानों को उर्वरक खरीदने के लिए आधार कार्ड लेकर जाना पड़ेगा। आधार नंबर को पीओएस मशीन में दर्ज करने के बाद ही उर्वरक मुहैया हो सकेगी। इसके लिए शासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं, सहकारी समितियों, पीसीएफ, हॉफेड, एग्रो, एवं इफको/कृभको खाद विक्रेताओं को ऑनलाइन किया जा रहा है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर रद हो जाएगा लाइसेंस
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिले में उर्वरक बिक्री के कुल 493 लाइसेंसी हैं। इन सभी को 31 दिसंबर तक ऑनलाइन पंजीकरण का निर्देश दिया गया है। पंजीकृत लाइसेंसियों को पीओएस मशीन मुहैया कराई जाएगी। इसी पीओएस मशीन के जरिए आधार को लिंक करने के बाद ही किसानों को उर्वरक बेची जा सकेगी। जिले में अब तक सिर्फ 250 लाइसेंसियों ने ही ऑनलाइन पंजीकरण करा सके हैं। इनमें से 150 को पीओएस मशीनें मुहैया कराई जा चुकी है। जिला कृषि अधिकारी अभयराज सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वालों का लाइसेंस स्वत: निरस्त हो जाएगा।
फुल रेट पर मिलेगी खाद, खाते में जाएगी सब्सिडी
मंझनपुर (ब्यूरो)। रासायनिक उर्वरकों में सरकार की ओर से सब्सिडी दिए जाने की व्यवस्था है। पर, आधार कार्ड के जरिए उर्वरक मिलने पर किसानों को पूरी कीमत अदा करनी पड़ेगी। इसके बाद सब्सिडी की रकम किसानों के खाते में अपने-अपने चली जाएगी।
क्या कहते हैं अफसर
नए साल से बगैर आधार कार्ड के किसानों को उर्वरक नहीं मिल सकेगी। इसके लिए सभी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस का ऑनलाइन पंजीकरण कराया जा रहा है। 31 दिसंबर तक पंजीकरण नहीं कराने वालों के लाइसेंस निरस्त हो जाएंगे।
अभय राज सिंह
डीओ कृषि