बाजार में बिक रहा गरीबों का राशन
तीन माह से खाद्यान्न ब्लैक कर ले रहे हैं कोटेदार
शिकायतों की जांच में कागजी कोरम पूरा करने का आरोप
बारा (ब्यूरो)। कौशाम्बी ब्लॉक के तीन गांव के कोटेदार कार्डधारकों का राशन ब्लैक कर ले रहे हैं। तीन माह से खाद्यान्न नहीं मिलने से कार्डधारकों का हाल बेहाल है। शिकायत कई बार कार्डधारकों ने उच्चाधिकारियों से की। आरोप है कि जांच करने के नाम पर आपूर्ति निरीक्षक महज कोरम पूरा कर लौट आते हैं। विभागीय मिलीभगत के चलते गरीबों का राशन हर माह बाजार में बिक जा रहा है।
गरीबों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराने के लिए सरकार ने अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी योजना संचालित कर रखी है। इसके तहत कोटे की दुकान से हर महीने गेहूं और चावल मुहैया कराने की व्यवस्था है। गरीबों के इस हक पर गांव के कोटेदार खुलेआम डाका डाल रहे हैं। गोदाम से खाद्यान्न का उठान करने के बाद गांव न ले जाकर सीधे कारोबारियों के हाथ बेच देते हैं। इसकी बानगी कौशाम्बी ब्लॉक के रसूलपुर बड़गांव, कोषम व ढोकसहा ग्रामसभा में देखने को मिल रही है। रसूलपुर बड़गांव में 436, कोषम में 700 व ढोकसहा गांव में 318 कार्डधारक पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय के हैं। रसूलपुर बड़गांव निवासी ममता देवी, कोषम के मिठाई लाल व ढोकसहा के दिनई सरोज का आरोप है कि गुजरे तीन महीने से कोटेदार खाद्यान्न का वितरण नहीं कर रहा है। खाद्यान्न लेने पहुंच रहे कार्डधारकों को कोटेदार उठान न होने की बात कहकर भगा देता है। ग्रामीणो की शिकायत पर जांच आपूर्ति निरीक्षक दीपक को सौंपी गई थी। आरोप है कि जांच के लिए गांव आए आपूर्ति निरीक्षक ने कोटेदार के घर बैठकर कोरम पूरा किया और चले गए। उधर राशन नहीं मिलने से कार्डधारकों का हाल बेहाल है। उच्चाधिकारी भी कार्डधारकों के शिकायत करने पर आपूर्ति निरीक्षक को जांच सौंपकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। अधिकारियों की शिथिलता का नतीजा है कि कोटेदार गरीबों का राशन बेचकर मालामाल हो रहे हैं।
इनसेट
गोदाम से ही सेट हो जाते हैं राशन खरीददार
कोटेदारों का खाद्यान्न ब्लैक में खरीदने के लिए एक गैंग सक्रिय है। कोटेदार दो माह खाद्यान्न का वितरण करने के बाद तीसरे माह का खाद्यान्न गोदाम इंचार्ज से सेटिंग कर जबरन खरीद लेते हैं। गोदाम इंचार्ज का दबाव होने की वजह से कोटेदार भी अपना हिस्सा लेकर खाद्यान्न बेच देता है। ऐसे में पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय कार्डधारकों का राशन गांव ही नहीं पहुंचता। यह खेल गोदाम इंचार्ज, कोटेदार व खरीदारों के बीच अर्से से चल रहा है।
क्या कहते हैं निरीक्षक
जांच के नाम पर कोई खानापूर्ति नहीं की जाती। मौजूदा समय में कुछ कोटेदार शौचालय न बनवाने वाले कार्डधारकों का राशन रोके हुए हैं। मामला क्या है इसकी जांच की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
दीपक कुमार, आपूर्ति निरीक्षक मंझनपुर