मधुपति और अनामिका में तेज हुई चुनावी जंग
जिला पंचायत सदस्यों को घेरने में जुटे मधुपति के समर्थक
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
जिला पंचायत चुनाव की जंग तेज हो चुकी है। पूर्व विधायक वाचस्पति भूमि कब्जे के मामले में हो रही एफआईआर से परेशान हुए तो जिला पंचायत पर कब्जे की जिम्मेदारी उनके समर्थकों ने ली। पूर्व विधायक की हरी झंडी मिलते ही मधुपति के समर्थकों ने सदस्यों को घेरना शुरू कर दिया है। सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए हर वह हथकंडा अपनाया जा रहा है जो राजनीति में जायज है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए 22 अगस्त को होने वाले उप चुनाव की तैयारी अचानक तेज हो गई है। इलाहाबाद में पूर्व विधायक वाचस्पति के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसका फायदा उठाने की कोशिश पूर्व ब्लाक प्रमुख सोनू सिंह ने की थी लेकिन राजनीति के मझे खिलाड़ी कहे जाने वाले वाचस्पति ने अपने समर्थकों के जरिए सोनू सिंह को पटखनी देने की तैयारी तेज कर दी। वाचस्पति अपनी पत्नी मधुपति को तीसरी बार अध्यक्ष बनाने की अभी भी पूरी कोशिश में हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उन्होंने इसकी जिम्मेदारी अपने समर्थकों को दे दी है। इससे उनके समर्थकों का उत्साह भी बढ़ गया है। इतना ही नहीं भाजपा के दिग्गज लोग भी खुलकर मैदान में आ चुके हैं। सपा-बसपा के सदस्यों को घेरने की कोशिश तेज हो चुकी है। सदस्याें को अपने पाले में लाने के लिए मधुपति के समर्थक हर संभव कोशिश में जुट गए हैं। वहीं सोनू सिंह ने भी अपनी तैयारियों को दूसरा रूप देना शुरू कर दिया है। हालांकि आधे से ज्यादा सदस्य अब भी गायब हैं। घरों से निकले सदस्य सोनू सिंह के साथ हैं, इसकी चर्चा पूरे जिले में है। कहा जा रहा है कि सदस्यों को टूर कराया जा रहा है। अब सोनू सिंह अपने खेमे के सदस्यों को सुरक्षित करने में जुटे हैं।
भाजपा की रणनीति का खुलासा न होने से असमंजस
जिला पंचायत के चुनाव में अभी तक भाजपा की रणनीति का खुलासा नहीं हो सका है। भाजपा की ओर से चुनाव लड़ने के लिए मधुपति ने नामांकन पत्र खरीद लिया है, लेकिन भाजपा खेमे की ओर से ऐसी कोई पहल नहीं हो रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस चुनाव को लेकर भाजपा गंभीर है। यही कारण है कि पूर्व विधायक के समर्थक निराश हैं। वह इस चुनाव में भी सत्ता की हनक देखना चाहते हैं।