टमाटर के बाद अब रुलाने लगा प्याज
चार दिन के भीतर तीना गुना हुआ दाम
सभी सब्जियों के दामों में इजाफा, गरीबों की थाली से गायब हुई सब्जी
अमर उजाला ब्यूरो
भरवारी।
सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। टमाटर सौ रुपये पर एक पखवारे से थमा है। चार दिन के भीतर प्याज के दाम ने भी भारी उछाल ली है। दस रुपये किलो का प्याज अचानक 30 रुपये किलो हो गया है। टमाटर और प्याज के ही दाम नहीं बढ़े बल्कि हर प्रकार की सब्जियों के दामों में इजाफा हुआ है। गरीबों की पकड़ से सब्जी दूर हो चुकी है। महंगाई का सीधा असर सब्जियों पर पड़ा है।
बारिश के बाद से सब्जियां लगातार महंगी होती जा रही हैं। टमाटर ने तो लोगों को चौंका दिया है। फुटकर बिक्री में टमाटर 80 से सौ रुपये के दाम पर आ गया है। महंगाई के कारण लोगों ने टमाटर से परहेज करना शुरू कर दिया था। इसी बीच प्याज ने भी अपनी रफ्तार बना ली। चार दिन पहले प्याज दस रुपये किलो था लेकिन अब इसका दाम अचानक 30 रुपये किलो हो गया है। थोक व फुटकर दोनों के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा बैंगन, आलू, घुइयां, कद्दू, भिंडी का भी रेट बढ़ गया है। लौकी व नेनुवा भी पकड़ से धीरे-धीरे दूर होने लगे हैं। सब्जियां महंगी होने से सबसे ज्यादा गरीब व मध्यमवर्गीय लोग प्रभावित होते हैं। मेहनत मजदूरी करने वाला तबका सब्जी खरीदने से पहले सोचने पर मजबूर हो जाता है। मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। भरवारी के शाहगंज निवासी पिंटू अरोड़ा का कहना है कि इसके पहले कभी सब्जी इतनी महंगी नहीं हुई थी। सब्जियों की वजह से अब घर का बजट बिगड़ने लगा है। मुन्नालाल केशरवानी का कहना है कि टमाटर के बाद अचानक प्याज का महंगा होना सबको अखर रहा है। सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। कालाबाजारी करने वालों की वजह से यह स्थिति बनी है। डा. बीएल राव का कहना है कि सब्जियों के बढ़ रहे दाम चिंताजनक हैं। गरीब तबका इससे प्रभावित है। कालाबाजारी की पूरी संभावना है, जिसे रोक पाने में शासन प्रशासन नाकाम है।
क्या है सब्जियों के दाम
सब्जी दाम प्रति किलो
टमाटर 100 रुपया
प्याज 30 रुपया
बैंगन 40 रुपया
कद्दू 20 रुपया
आलू 10 रुपया
भिंडी 35 रुपया
कुंदरु 35 रुपया
नेनुवा 25 रुपया
लौकी 30 प्रति पीस