शमसाबाद गांव को सांसद विनोद सोनकर ने आदर्श गांव का तमगा तो दे दिया लेकिन सुविधाएं नहीं दे सके। सांसद के गांव में गंभीर रोगोें से बीमार जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं लेकिन वे रुपये के अभाव में अपना इलाज नहीं करा पा रहे हैं। डॉक्टरों की निगरानी में भी इस गांव में फाइलेरिया के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। राजकीय होम्योपैथी अस्पताल होने के बावजूद यहां के मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
आदर्श गांव शमसाबाद की हकीकत यहां के मरीज बयां कर रहे हैं। फाइलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से मनोज कुमार, महेश कुमार, नत्त्थू, सौरभ, मीरा देवी, रजनिया, कलुई, विजय समेत 13 लोग पीड़ित हैं। जिले का इकलौता ऐसा गांव हैं जहां सबसे ज्यादा फाइलेरिया के मरीज हैं। तत्कालीन सीएमओ डॉ. दयाराम वर्मा ने इस गांव की डॉक्टरों से निगरानी शुरू कराई थी। डॉक्टर मरीजों की हर माह जांच कर रिपोर्ट तैयार करते थे। उनका तबादला होते ही निगरानी हवा हवाई हो गई और चार मरीज और बढ़ गए। इनके अलावा विनोदनी देवी कैंसर से पीड़ित है। आर्थिक हालत ठीक नहीं है। इसलिए वह अपना इलाज नहीं करा पा रही है। इसके अलावा सरदार पेट व जगन्नाथ गले की गंभीर बीमारी की चपेट में हैं। विनोदनी, सरदार और जगन्नाथ जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। रुपया न होने के कारण वे मौत के मुंहाने पर खडे़ हैं। सांसद को इसकी जानकारी है। इसके बावजूद इनका इलाज नहीं हो पा रहा है। इलाज में मोटी रकम का खर्च है। इसलिए सरकारी डॉक्टरों ने भी इनकी ओर से मुंह मोड़ रखा है। फाइलेरिया के मरीज चलने-फिरने को मोहताज हैं। शमसाबाद गांव में राजकीय होम्योपैथी अस्पताल है। इसके बावजूद इनका इलाज वहां नहीं हो पा रहा है। इलाज न होने से मरीज व उनके परिजन आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को गोद लेने के बाद सांसद ने बड़े-बड़े वादे किए थे। सांसद ने कहा था कि इस गांव के हर व्यक्ति का सुख-दुख उनका अपना होगा। लोग आज बीमारी की वजह से दुख में हैं लेकिन उनका कोई हाल तक जानने नहीं आ रहा है।
सांसद के गांव में बीमारियों का डेरा
-डॉक्टरों की निगरानी में फाइलेरिया मरीजों की बढ़ी संख्या
-जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं कैंसर पीड़ित महिला
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एक साल से लापता हैं होम्योपैथी अस्पताल के डॉक्टर
शमसाबाद में स्थित राजकीय होम्योपैथी अस्पताल में डॉ. राकेश गुप्ता की तैनाती है। ग्रामीणों का कहना है कि एक साल से डॉक्टर इस अस्पताल में नहीं आ रहे हैं। फार्मासिस्ट लालचंद्र भी एक दो महीने के एकाध बार ही आता है। अस्पताल सफाई कर्मी बनवारी लाल के भरोसे चल रहा है। यही कारण है कि गांव में अस्पताल होने के बाद भी लोग यहां इलाज कराने के लिए नहीं जाते हैं।
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सीएम से डॉक्टर के खिलाफ शिकायत
ग्राम प्रधान राजेश कसेरा ने राजकीय होम्योपैथी अस्पताल के डॉक्टर राकेश गुप्ता के खिलाफ सीएम को शिकायती पत्र भेजकर की थी। इसके बाद भी इस अस्पताल में डॉक्टर नियमित नहीं बैठ रहे हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन अस्पताल का स्टाफ गंभीर नहीं है। जल्द ही वह इस मामले को लेकर अब डीएम से मिलेंगे।
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सीएचसी का निर्माण अधूरा
शमसाबाद गांव में सीएचसी का निर्माण कार्य चल रहा है। दो साल से काम चल रहा है। एक करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से अस्पताल बन रहा है, लेकिन काम में तेजी न आने से इसका लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अस्पताल बन जाए तो उनको काफी हद तक सहूलियत मिल सकती है।