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साथी की हत्या के विरोध में वकीलों का चक्काजाम

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अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने से कौशाम्बी के वकीलों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को सिराथू तहसील के सामने चक्काजाम व चायल में हंगामा किया। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। चेताया कि कातिलों की गिरफ्तारी व 50 लाख रुपये मुआवजा नहीं मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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हफ्ते भर पहले इलाहाबाद में अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की हत्या कर दी गई थी। पुलिस आज तक हत्याराेें का सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस के इस रवैऐ से आक्रोशित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बसंत सिंह बृहस्पतिवार को तमाम साथियों के साथ सैनी सिराथू मार्ग पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। जाम सुबह 11 बजे सेे 2 बजे तक चला। जाम की खबर मिलते ही एसडीएम सिराथू ज्योति मौर्या, तहसीलदार बीडी गुप्ता एवं कोतवाल राकेश तिवारी के साथ मौके पर पहुंच गईं। प्रशासनिक अधिकारियोें ने आंदोलित अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। पर, वो सुनने को राजी ही नहीं हो रहे थे।

दो घंटे के हंगामे के बाद अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंप जाम खत्म किया। ज्ञापन में अधिवक्ता के हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी कराए जाने, पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा दिलाने, परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी एवं बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिलाए जाने की मांग रखी गई है। जाम के दौरान प्रमुख रूप से राम प्रसाद त्रिपाठी, बालेंद्र धर द्विवेदी, गुलाब सिंह, धनंजय सिंह, प्रदीप रस्तोगी, चंद्र शेखर, बद्री प्रसाद त्रिपाठी, सतीश मिश्र आदि मौजूद रहे। इसी तरह से चायल तहसील में भी एडवोकेट धर्मराज ओझा की अध्यक्षता में वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सूबे में कानून का राज खत्म हो गया है।
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इस अवसर पर मनोज साहू, रिजवान अहमद, सुरेंद्र सिंह यादव, सुखलाल यादव, धनंजय मिश्र, अमर सिंह, अमरनाथ सिंह, उमाकांत मिश्र, अजय पाण्डेय, आमोद मिश्र, राकेश कुमार पाल, अनिल कुमार, मनोज पांडेय, जगपत सिंह, दशरथ लाल, राजनारायण पाल, मोहम्मद आमिर और रामकृष्ण मिश्र आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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