सत्याग्रह समारोह में ओडीएफ के गुर सीखेंगे स्वच्छताग्राही
मार्निंग फालोअप वाले स्वच्छताग्राही का हो रहा चयन
मिशन निदेशक का पत्र मिलने के बाद शुरू हुई तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा बिहार के चंपारन में साप्ताहिक महात्मा गांधी सत्याग्रह समारोह का आयोजन कराया जा रहा है। इस कार्यक्रम में जिले में ट्रिगरिंग एवं मार्निंग फालोअप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छताग्राही को शामिल किया जाना है। कार्यक्रम के दौरान जिले के स्वच्छता ग्राही ओडीएफ हो चुके प्रदेशों के स्वच्छताग्राहियों से ओडीएफ के गुर सीखेंगे।
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बिहार प्रांत के चंपारन जिले में तीन से 10 अप्रैल तक साप्ताहिक महात्मा गांधी सत्याग्रह समारोह का आयोजन कराया जाएगा। इस कार्यक्रम में सभी प्रांतों के स्वच्छताग्राही शिरकत करेंगे। सात दिवसीय कार्यक्रम के दौरान ओडीएफ हो चुके प्रांतों के स्वच्छताग्राही से लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए तैयार करने के टिप्स देंगे। कार्यक्रम में शामिल किए जाने वाले स्वच्छताग्राही की सूची तैयार कर भारत सरकार को भेजे जाने का निर्देश मिशन निदेशक स्वच्छ भारत मिशन ने दिया है। मिशन निदेशक का पत्र मिलने के बाद जिले की ग्राम सभाओं में ट्रिगरिंग व मार्निंग फालोअप के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छताग्राही का चयन जिला पंचायत राज अधिकारी ने कर लिया है। जिले से कुल 90 स्वच्छताग्राही का चयन चंपारन भेजे जाने के लिए करते हुए सूची मिशन निदेशक को भेज दी गई है।
इनसेट
सत्याग्रह आंदोलन की तरह चलेगा ओडीएफ अभियान
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बिहार के चंपारन जिले का चयन इसलिए किया गया है कि यहीं से महात्मा गांधी ने सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत की थी। ऐतिहासिक आंदोलन स्थल से अब ओडीएफ अभियान को ऐतिहासिक रूप देने की तैयारी केंद्र सरकार ने शुरू कर दिया है। कार्यक्रम में ओडीएफ हो चुके प्रांतों व जिले के स्वच्छताग्राही अभी तक ओडीएफ न होने वाले प्रांतों व जिले के स्वच्छताग्राही को अपनी तकनीक सिखाएंगे। कार्यक्रम में गुर सीखने के बाद जिले के स्वच्छताग्राही सत्याग्रह आंदोलन की तर्ज पर जिले को ओडीएफ बनाने की कवायद करेंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले के 90 स्वच्छताग्राही का चयन चंपारन कार्यक्रम के लिए किया गया है। इन्हें बस के जरिए दो अप्रैल को रवाना किया जाएगा। इसके बाद जिले की ग्राम सभाओं को ओडीएफ बनाने के लिए अन्य प्रांतों की तकनीक को लागू कराते हुए अंजामतक पहुंचाया जाएगा।
कमल किशोर, डीपीआरओ