महागौरी के रूप में पूजी गईं भवानी
मंझनपुर (ब्यूरो)। गुरुवार को नवरात्र पर्व का आठवां दिन था। इस दिन घर-घर में लोगों ने मां महागौरी का व्रत रखा और विधि विधान से पूजन अर्चन किया। मां के आठवें स्वरूप का पूजन-अर्चन करने के लिए देवी मंदिरों, पूजा पंडालों में सुबह से लेकर शाम तक भक्तों की भीड़ लगी रही।
शारदीय नवरात्र में अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है। मान्यता है कि जब मां अपने सातवें रूप में रक्त-बीज का संहार करने के लिए विकराल रूप धारण कर चुकी थीं तो उनका क्रोध शांत नहीं हो रहा था। इस पर शिवजी ने माता के सामने लेट कर उनका क्रोध शांत कराया और गंगाजल छिड़का तो वह महागौरी के रूप में प्रकट हुईं। मां महागौरी सुहागिन महिलाओं के सुहाग को सुरक्षा देते हुए उन्हें अखंड सौभाग्यवती का वर देती हैं। इसके चलते देवी का महत्व महिलाओं के लिए और भी बढ़ जाता है। गुरुवार को मां महागौरी का घर-घर लोगों ने व्रत रखा और विधिविधान से पूजन-अर्चन करते हुए मन्नतें मांगी। इस दिन सुबह से ही मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर, चांदिकन स्थित चंद्रिका देवी मंदिर, संचवारा स्थित अलोप शंकरी देवी मंदिर व अंबारी स्थित मां अलोप शंकरी सहित जिले भर के देवी मंदिरों व पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ लगी रही।
मां शीतला के दरबार में उमड़ा भक्तों का सैलाब
रात में होगा मां का महाश्रृंगार, महाआरती का आयोजन
56 प्रकार के व्यंजनों का आधी रात को लगेगा भोग
कड़ा (ब्यूरो)। नवरात्र पर्व के आठवें दिन कड़ा स्थित मां शीतला दरबार में पचास हजार से अधिक भक्तों ने गंगा स्नान कर माथा टेका। रात में मां शीतला का स्थानीय पंडा समाज द्वारा महाश्रृंगार, महाआरती व 56 प्रकार के व्यंजनों से भोग लगाया जाएगा। इसकी तैयारी गुरुवार शाम दरबार में तेजी से चल रही थी।
नवरात्र पर्व में अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन मां के महागौरी स्वरूप का पूजन-अर्चन किया जाता है। मां का यह स्वरूप भक्तों के लिए विशेष फलदायक और मनोकामना पूर्ण करने वाला होता है। कड़ा स्थित मां शीतला का गुरुवार को महागौरी के रूप में श्रृंगार किया गया था। सुबह से ही धाम में पहुंचे भक्तों ने मां के इस स्वरूप का दर्शन-पूजन किया। शीतलाधाम वासियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। स्थानीय पंडा समाज के द्वारा मां शीतला का रात में महाश्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद महाआरती व 56 प्रकार के व्यंजनों से भोग भी लगाया जाएगा। मां भगवती के इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के अलावा दूर-दराज से आने वाले भक्त भी शामिल होते हैं। इसे लेकर देवी दरबार में गुरुवार शाम को तैयारियां तेजी से की जा रही थीं।
पूजा पंडाल में हुआ मां के आठवें स्वरूप का श्रृंगार
पश्चिम शरीरा। स्थानीय नई बाजार मोहल्ले में बनाए गए पूजा पंडाल में गुरुवार को मां के आठवें स्वरूप का श्रृंगार कमेटी के सदस्यों द्वारा किया गया। इस दिन भक्तों ने मां के महागौरी स्वरूप का दर्शन व पूजन किया। श्रृंगार की जिम्मेदारी पूजा कमेटी के अमित केशरवानी, आशीष कौसल, अरविंद जायसवाल आदि भक्तों द्वारा निभाई जा रही है।
अगियौना पूजा पंडाल में उमड़ रही भक्तों की भीड़
करारी। नवरात्र के मौके पर सदर ब्लॉक क्षेत्र के अगियौना गांव में भक्तों ने मां का दरबार सजा रखा है। यहां पर भक्तों की भारी भीड़ पूजन-अर्चन के लिए सुबह से शाम तक लगती है। रात में स्थानीय भक्तों द्वारा जगराते का आयोजन किया जाता है। इसमें महत्वपूर्ण भूमिका गांव की महिला भक्तों द्वारा निभाई जाती है।
भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना मूरतगंज पूजा पंडाल
मूरतगंज। मूरतगंज बाजार के भरवारी रोड में बनाया गया पूजा पंडाल मां अम्बे के भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। जगमग विद्युत झालरों के बीच रखी मां अंबे की मूर्ति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां पर सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालु पूजन-अर्चन के लिए उमड़ रहे हैं। शाम को महिलाओं द्वारा भक्ति गीतों के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
पइंसा गांव के पूजा पंडाल में हो रहा भक्ति कार्यक्रम
पइंसा। विकास खंड सिराथू के पइंसा गांव में भक्तों ने मां का प्यारा दरबार सजा रखा है। यहां पर प्रतिपदा के दिन से लगातार मां अम्बे का पूजन अर्चन किया जा रहा है। शाम को गांव के कलाकारों द्वारा ढोल-मंजीरा व हारमोनियम की साज पर देवी गीतों का कार्यक्रम किया जाता है। भक्तिगीतों को सुनने के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगती है।
पूजा पंडाल में कन्याओं को कराया भोज
मंझनपुर (ब्यूरो)। सिराथू ब्लॉक के कादीपुर गांव स्थित हनुमान मंदिर में मां अम्बे की मूर्ति स्थापित कराई गई है। यहां पर गुरुवार को भक्त देवी शंकर तिवारी उर्फ गुड्डन व उनकी पत्नी द्वारा कन्याओं को भोजन कराया गया। इसके बाद दक्षिणा देकर कन्याओं को देवी के रूप में चरण छूकर विदा किया। कन्या भोज कार्यक्रम में तमाम स्थानीय लोगों ने विशेष योगदान किया।