मुकुट पूजन के साथ शुरू हुई सरायअकिल की रामलीला
जय श्रीराम के जयकारे से गुंजा कस्बा, नारद मोह लीला का हुआ मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल।
नगर पंचायत सरायअकिल की 85 वर्ष पुरानी रामलीला शुक्रवार को मुकुट पूजन के साथ शुरू हुई। मुकुट पूजा श्रीराम लीला कमेटी अध्यक्ष गोपाल केसरवानी ने किया। इस दौरान कस्बा जय श्रीराम के जयकारों से गुंजता रहा। मुकुट पूजन के बाद कलाकारों ने पहले दिन नारद मोह लीला का मंचन किया।
सरायअकिल कस्बे में रामलीला की शुरुआत वर्ष 1932 में हुई। तत्कालीन थानाध्यक्ष रहे ठा. शिव सेवक सिंह ने इसकी शुरुआत कराई थी। तब से कस्बे में रामलीला का मंचन अनवरत रूप से होता चला आ रहा है। 85वीं रामलीला का मंचन शुक्रवार को मुकुट पूजन के साथ शुरू किया गया। रात में कलाकारों ने नारद मोह की लीला की। मुकुट पूजन के दौरान श्रीराम लीला कमेटी के कोषाध्यक्ष शंकर लाल केसरवानी, संरक्षक कृष्ण नारायण रस्तोगी, महामंत्री अनिल केसरवानी के अलावा अशोक कुमार मोदनवाल, अखिल रस्तोगी, संतोष स्वर्णकार, विनय सोनी, नितिन आदि मौजूद रहे। महामंत्री ने बताया कि शनिवार की रात कलाकारों द्वारा मनु-सतरूपा तपस्या, रावण जन्म लीला का मंचन किया होगा।
गंगा पूजन देखने के लिए उमड़ी भीड़
कड़ा (ब्यूरो)। दारानगर की ऐतिहासिक रामलीला में शनिवार को गंगा पूजन की लीला हुई। लीला का मंचन फरीदगंज व हब्बू नगर सिपाह गांव के निर्धारित स्थल पर किया गया। भगवान श्रीराम ने मां गंगा का विधिवत पूजन किया। रामलीला मंचन देखने के लिए इलाकाई ग्रामीणों की भारी भीड़ रही।
धनुष टूटते ही जय श्रीराम के जयकारे से गूंजा कस्बा
मंझनपुर की लीला में धनुष यज्ञ का कलाकारों ने किया मंचन
मंझनपुर (ब्यूरो)। नगर पंचायत मंझनपुर की रामलीला में शुक्रवार की रात कलाकारों ने धनुष यज्ञा का मंचन किया। गुरू विस्वामित्र की आज्ञा पाते ही भगवान श्रीराम ने जैसे ही धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाई और शिव धनुष दो खंड हो गया। धनुष टूटते ही कस्बा जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
शुक्रवार रात कस्बे की रामलीला में धनुष्य यज्ञ का मंचन किया। माता सीता के विवाह को लेकर चिंतित मिथिला नरेश जनक ने यज्ञ का आयोजन किया। यज्ञ पहुंचे देश-देश के राजाओं ने धनुष तोड़ने के लिए जोर आजमाइश की पर उठा तक नहीं सके। यज्ञ में धनुष उठाने के लिए अयोध्या के सिर्फ दो राजकुमार ही बचे थे। इस नजारे को देख राजा जनक को चिंता सताने लगी कि देश-देश के धुरंधर राजा धनुष नहीं उठा सके। ऐसे में उनका यज्ञ अधूरा रह जाएगा और सीता का ब्याह नहीं हो सकेगा। इसी बीच गुरु की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम धनुष के पास पहुंचे। शिव धनुष को प्रणाम करने के बाद उन्होंने एक हाथ से उठाया। जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाने लगे धनुष दो खंड में विभाजित हो गया। धनुष टूटते ही मंचन स्थल जयश्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। मंचन देखने के लिए आए दर्शकों से मंचन स्थल खचाखच भरा रहा। महामंत्री अंशुल केसरवानी ने बताया कि शनिवार रात परशुराम लक्ष्मण संवाद लीला का मंचन किया जाएगा।
भक्तों के घर पहुंचकर भगवान ने दिया दर्शन
मंझनपुर (ब्यूरो)। दारानगर में चल रही 238वीं रामलीला महोत्सव एवं दशहरा मेले के तीसरे दिन गंगा पूजा की लीला हब्बू नगर सिपाह गांव में संपन्न हुई। महर्षि विश्वामित्र के साथ श्रीराम व लक्ष्मण ने गांव-गांव भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन दिया।
दारानगर स्थित श्रृंगार भवन स्व. पूरे सजधज व गाजे बाजे के साथ श्रीराम की सवारी निकली। हब्बू नगर सिपाही पहुंचने से पहले रास्ते में जगह-जगह भक्ताें ने स्वागत किया। हब्बू नगर पहुंचकर महर्षि विश्वामित्र के साथ मिलकर श्रीराम व लक्ष्मण ने गंगा पूजन किया। इसके बाद श्रीराम, लक्ष्मण व विश्वामित्र ने गांव पहुंच भक्तों को घर-घर जाकर दर्शन दिया। घर में भगवान की सवारी देख भक्तों ने उनका पूजन अर्चन किया। कमेटी के उपाध्यक्ष जयमणि तिवारी ने बताया कि रविवार को म्योहरा गांव में फुलवारी लीला का कार्यक्रम संपन्न होगा। रात्रिकालीन कार्यक्रम में सांस्कृतिक मंच पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से लोकगीत का कार्यक्रम होगा।