कौशाम्बी में सोमवार को 100 डॉयल का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खाकी मैप में तैयार वेस कैंप पर 24 घंटे पुलिस के जवान मुस्तैद रहेंगे। जो घटना की जानकारी मिलते ही फौरन घटना स्थल पर पहुंच स्थित को काबू करेंगे।
कानून के हाथ लंबे होते है। अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो वह पुलिस को चकमा देकर बहुत दिन तक फरारी नहीं काट सकता। पुलिस और अपराधियों के बीच चल रहे लुका-छिपी के खेल का खात्मा करने के लिए सोमवार को कौशाम्बी में 100 डॉयल का शुभारंभ जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने पुलिस लाइंस में किया। अपराधियों की धर पकड़ के लिए 13 बोलेरो और सात इनोवा गाडी पुलिस क्षेत्र में रवाना की गई।
100 डॉयल में एक इंस्पेक्टर, तीन सब इंस्पेक्टर, 58 हेड कांस्टेबल, 58 कांस्टेबल, 44 चालक तैनात किए गए है। खाकी ने मैप तैयार कर ढाई हाजर प्वाइंट चिन्हित किए है। किसी भी घटना की जानकारी मिलते ही प्वाइंट पर तैनात पुलिस के जवान दो से पांच मिनट के भीतर फौरन घटना स्थल पर पहुंचेंगे। इस मौके पर सिराथू विधायक वाचस्पति, अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्र, सीओ सिराथू अंशुमान मिश्र, सीओ चायल महेंद्र देव सिंह, आरआई लाइंस देवेन्द्र सिंह के अलावा सभी थानों के जिम्मेदार मौजूद रहे।
लाल व पीली बत्ती के महत्व
100 डॉयल में लाल व पीली बत्ती जलने के अपने महत्व है। अगर वाहन में लाल बत्ती जल रही है तो घटनास्थल पर पहुंचने का संकेत है वहीं पीली बत्ती जल रही है तो वाहन में कोई घायल है। इस परिस्थिति में वाहन को रास्ता चाहिए।