विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, दो आरोपियों को साक्ष्य न मिलने पर दोष मुक्त कर दिया गया।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग को डिहवा कटैया निवासी ज्ञानचंद्र रैदास बहला ले गया था। पीड़ित की मां की तहरीर पर सात अक्तूबर 2013 को मुकदमा दर्ज पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया। अदालती बयान में किशोरी ने दुष्कर्म किए जाने की जानकारी दी। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता ने वादी और पीड़िता समेत नौ लोगों की अदालत में गवाही कराई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। जुर्माना नहीं जमा करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया।
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अलग-अलग मामलों के दो दोषियों को अर्थदंड की सजा
न्यायालय एसीजे जेडी की अदालत ने शुक्रवार को अलग-अलग मामलों के दो दोषियों को अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। पूरामुफ्ती कोतवाली के शेखपुर निवासी पुद्दन पासी के खिलाफ पुलिस ने वर्ष 2017 में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। वहीं, पिपरी पुलिस ने वर्ष 2012 में भगवतपुर निवासी जितेंद्र कुमार वर्मा को तमंचे के साथ पकड़ा था। दोनों मामलों में पुलिस अदालत में साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सकी। इससे परेशान आरोपियों ने कोर्ट में जुर्म कुबूल करते हुए सजा सुनाने की अर्जी लगाई। इस पर अदालत ने दोनों को एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया।