पराली जलाने से बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कृषि विभाग ने शुक्रवार को पराली जलाने वाले 10 किसानों पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) के चल रहीं तीन कंबाइन हार्वेस्टर मशीनें सीज कर दी गई हैं।
जिला कृषि अधिकारी सुरुचि विश्वकर्मा ने बताया कि पराली जलाना शासन ने अपराध की श्रेणी में रखा है। इससे पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी लगातार दी जा रही है। इसके बाद भी कुछ किसान पराली जलाने की घटना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसान पराली को गोशाला में दान करें। इससे बदले में उनको उपले और गोशाला से देशी खाद मिलेगी। फिर भी बाज नहीं आने वाले 10 किसानों पर कार्रवाई की गई है।
सरसवां, मंझनपुर व सिराथू के किसानों से 40 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग के अलावा राजस्व, पंचायतीराज और पशुपालन विभागों की संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। यह टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं और सेटेलाइट से मिली जानकारी के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है।
- जिले में पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। जो भी किसान ऐसा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों को निर्देश दिए गए है कि वह एसएमएस के बिना धान की कटाई न करें। ऐसा करने वालों की मशीन सीज हो रही हैं। - सत्येंद्र कुमार तिवारी, डीडी कृषि