जिले के 10.46 लाख मतदाता बृहस्पतिवार को अपनी सरकार चुनने के लिए मतदान करेंगे। बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान होगा। मतदान करने के लिए 1737 बूथ बनाए गए हैं।
जिले में प्रधान पद के 451, जिला पंचायत सदस्य की 26 सीटों समेत बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य पद पर 11,114 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। सुबह सात बजे से शुरू होने वाली वोटिंग के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ब्लॉक स्तर से बुधवार को पोलिंग पार्टियां रवाना की गईं। जिला निर्वाचन अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सभी जोनल और सेक्टरों मजिस्ट्रेटों को सख्त हिदायत दी है कि वह अपने क्षेत्रों में पूरी ईमानदारी के साथ ड्यूटी करें। किसी भी गड़बड़ी की सूचना तत्काल दें।
संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष नजर रखने के लिए कहा है। उधर, प्रत्याशी अपने बूथ एजेंट पहले ही तय कर चुके हैं। मतदान से पहलेेे सुबह एजेंट बनाने की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी, फिर वोटिंग शुरू होगी। गांव-गांव सीट जीतने की लगी प्रतिष्ठा के बीच वोटरों को बूथ तक पहुंचना भी चुनौती होगा। हर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें, इसके लिए गांव-गांव प्रत्याशियों और उनके एजेंटों ने घर-घर मतदाता पर्ची पहुंचा दी है। वहीं, प्रशासन ने विभागीय तैयारियों को पूरा कर लिया है।
आठ जोन व 89 सेक्टरों में बांट कर बनाया सुरक्षा घेरा
पंचायत चुुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए जिले को आठ जोन और 89 सेंटरों में बांटकर सुरक्षा घेरा बनाया गया है। बूथ से सड़क तक खाकी का पहरा रहे। इसके लिए एसपी अभिनंदन ने त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की है।
हर कदम पर निगरानी और हर बूथ पर चौकसी रहे, इसके लिए जिले के साथ ही फतेहपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज जनपद की पुुलिस तैनात की गई है।
चुनाव को लेकर पहला सुरक्षा घेरा बूथ पर बनाया गया, जिसमें हर संवेदनशील, अति संवेदनशील और अति संवेदनशील प्लस बूथों को कवर करके यहां पर सशस्त्र पुलिस बल लगाया गया है।
सुरक्षा का दूसरा घेरा क्लस्टर मोबाइल की टीमों का है। जो अपने क्लस्टर क्षेत्र के किसी भी बूथ पर बवाल होने की दशा में 12 मिनट के अंदर पहुंचेंगी। तीसरा सुरक्षा घेरा सड़क पर भ्रमणशील रहेगा। एएसपी समर बहादुर के अनुसार, चुनाव में दो कंपनी और एक प्लाटून पीएसी बल लगाया गया है, जो सिर्फ अति संवेदनशील प्लस बूथों पर रहेगा।
तीन एएसपी, छह सीओ, 24 निरीक्षक, 238 उप निरीक्षक, 200 मुख्य आरक्षी, 1225 आरक्षी, 2250 होमगार्ड्स, 1200 पीआरडी व एक हजार से ज्यादा चौकीदारों को लगाया गया है।
मतदाता पहचान पत्र नहीं, तो इन 18 विकल्पों के साथ दे सकेंगे वोट
पंचायत चुनाव में मतदान के लिए मतदाता पहचान पत्र नहीं है, तब भी मतदाता वोट डाल सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने पहचान पत्र के रूप में 18 अभिलेखों के विकल्प दिए हैं। इनमें से कोई भी अभिलेख दिखाकर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
जिले में बृहस्पतिवार को होने वाले मतदान में पहचान पत्र को लेकर वोटर परेशान हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि बिना मतदाता पहचान पत्र के वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे या नहीं। ऐसे मतदाताओं को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान के दौरान पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र की बाध्यता खत्म करते हुए कुल 18 अभिलेखों के विकल्प दिए हैं। इन अभिलेखों में से किसी एक का भी प्रयोग कर मतदाता अपनी पहचान की पुष्टि करवा सकेंगे। इसके बाद उन्हें मतदान का अवसर मिल सकेगा।
परिवार का मुखिया कर सकेगा सदस्यों की पहचान
पहचान पत्र के तौर पर मान्य किए गए अभिलेखों में कोई अभिलेख जैसे राशन कार्ड, किसान बही, फोटोयुक्त बैंक खाता पासबुक परिवार के मुखिया के नाम का है तो वह परिवार के सदस्यों की पहचान भी कर सकेगा। बशर्ते सभी परिवार के सदस्यों को एक साथ मतदान केंद्र पर मतदान के लिए पहुंचना होगा।
ये हैं पहचान के लिए 18 अभिलेख
-भारत निर्वाचन आयोग का मतदाता पहचान पत्र
-आधार कार्ड
-पासपोर्ट
-ड्राइविंग लाइसेंस
-आयकर पहचान पत्र (पैन कार्ड)
-राज्य या केंद्र सरकार द्वारा जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र
-बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक
-फोटोयुक्त बैनामा या पट्टा अभिलेख
-फोटोयुक्त किसान बही
-फोटोयुक्त पेंशन अभिलेख
-फोटोयुक्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पहचान पत्र
-फोटोयुक्त शस्त्र लाइसेंस
-फोटोयुक्त दिव्यांग प्रमाण पत्र
-फोटोयुक्त मनरेगा जॉब कार्ड
-श्रम विभाग का बीमा स्मार्ट कार्ड
-सांसद और विधायकों को जारी पहचान पत्र
-राशन कार्ड