कासगंज के पटियाली के एक मोहल्ला में रहने वाली महिला ने बेटी को बंधक बनाकर जबरन धर्मांतरण कराने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर पुलिस ने गौतमबुद्धनगर निवासी चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पटियाली के एक मोहल्ला में रहने वाली महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि बीती 26 मार्च को उनकी 18 वर्षीय पुत्री को चारमूर्ति नोएडा तिगड़ी थाना बिसरख जिला गौतमबुद्धनगर के रहने वाले आरोपी मोहित, आकाश, गौरव और राधिका बहला-फुसलाकर अगवा कर ले गए थे। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने बेटी का जबरन धर्मांतरण कराया। उनकी बेटी ने किसी तरह दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उन्हें कॉल की। इस दौरान रोते हुए जानकारी दी कि आरोपी उसे बंधक बनाकर रखे हैं। उसके साथ गलत काम किया जा रहा है। जब उन्होंने उन नंबरों पर वापस कॉल की तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की।
महिला का आरोप है कि घटना के बाद जब उनके पति प्राथमिकी दर्ज कराने थाना पटियाली गए तो पुलिस ने उन्हें डांटकर भगा दिया। संवेदनहीन टिप्पणी की। जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो मजबूरन उन्होंने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पटियाली थाना पुलिस को आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सीओ पटियाली अमित कुमार ने बताया कि मामले में युवती की पहले से गुमशुदगी दर्ज है। अब कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। युवती की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।