फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विश्व एड्स दिवस : जांच की व्यवस्था मजबूत, इलाज कमजोर

Sun, 30 Nov 2025 11:08 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज। जिले में एचआईवी संक्रमण का खतरा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। चार साल में संक्रमित मरीजों की संख्या में ढाई गुना की वृद्धि हुई है। मरीजों की जांच के लिए पर्याप्त इंतजाम हो चुका है। उपचार के इंतजाम का अभाव अभी भी गंभीर समस्या बनी हुई है। संक्रमित मरीजों को एटा मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए रेफर करना पड़ता है।
विज्ञापन


जिले में एड्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पहले जांच की व्यवस्था कुछ स्वास्थ्य केंद्रों तक ही सीमित थी। अब जिला अस्पताल, ब्लॉक स्तरीय सात स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 150 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में जांच के इंतजाम हैं। अस्पतालों में आने वाली गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच अनिवार्य है। इस साल 11 माह में 19243 लोगों की जांच की गई। इनमें 71 मरीज संक्रमित पाए गए। यह आंकड़ा पिछले वर्ष से अधिक है। चार साल में यह संख्या ढ़ाई गुना तक बढ़ गई है। संक्रमित मिलने पर मरीज को इलाज के लिए पहले अलीगढ़ भेजा जाता था। एटा में मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद अब संक्रमित मरीजों को यहां भेजा जाता है।
विज्ञापन


वर्ष संक्रमित मिले
2022- 28
2023-48
2024-51
2025 अब तक 71

ऐसे फैलता है वायरस
- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध।

- एचआईवी संक्रमित को लगाई गई सिरिंज का पुन: प्रयोग।

- संक्रमित रक्त या रक्त उत्पाद चढ़ाने से।

- संक्रमित मां से शिशु को।


ये हैं लक्षण

- एक माह में शरीर के वजन में 10 फीसदी से अधिक की कमी।

- एक माह से अधिक समय तक रुक-रुककर या लगातार बुखार आना।

- लगातार डायरिया, क्षय रोग होना, सांस लेने में परेशानी।

- लगातार खांसी व सिरदर्द।



जिले में इस साल अब तक 71 लोगों में एचआईवी संक्रमण पाया गया है। इन सभी मरीजों का स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से एटा में इलाज किया जा रहा है।
-डाॅ. उत्कर्ष, नोडल एचआईवी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें