कासगंज/पटियाली। गंगा का लगातार बढ़ रहा जलस्तर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं, बारिश ने भी इन इलाकों के निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जलभराव के बीच लोग रोजमर्रा की जरूरतों और सुविधाओं के लिए पहले ही कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। बारिश ने कच्चे मकानों और झोपड़ियों में रहने वालों की दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं।
पानी भरा होने के कारण ग्रामीण जहां तहां खुले आसमान के नीचे अपनी दिनचर्या और काम निपटा रहे थे। बारिश और बाढ़ के प्रकोप के आगे ग्रामीण बेबस हो रहे हैं। ग्रामीणों के पालतू पशु भी परेशान हैं। पशुबाड़े बाढ़ के पानी से घिरे हैं जिसके कारण पशुओं को सूखे और खुले स्थानों पर बांधा जा रहा है। बारिश से पशुओं को बांधने की भी दिक्कत हो रही है।
पटियाली के बाढ़ प्रभावित नगला दुर्जन, नगला जयकिशन, नगला दिपी, मूंझखेड़ा, नगला नरपत, नगला जैली सहित आसपास के गांव में बाढ़ का पानी पिछले डेढ़ माह से भरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी से पहले से तमाम परेशानियां थीं लेकिन अब मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
सिंचाई विभाग ने भी पानी और बढ़ने का अलर्ट जारी कर दिया है। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। हरिद्वार बैराज से 24 घंटे में 8 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बढ़ा हुआ है जबकि बिजनौर बैराज से 13 हजार क्यूसेक और नरौरा बैराज से 9 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह बढ़ा है।
रविवार को गंगा के जलस्तर में 6 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। आज सोमवार को नरौरा का प्रवाह और बढ़ेगा जिससे जलस्तर में और वृद्धि होने का आशंका है। कछला गंगाब्रिज पर गंगा 162.64 मीटर के निशान पर बह रही थी।
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बाढ़ प्रभावित गांव के ग्रामीणों की बात
घर के चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी है। पिछले डेढ़ महीने से हम जैसे-तैसे गुजारा कर रहे थे लेकिन अब बारिश होने से खाना पकाने और सोने तक की जगह नहीं बची है।-राहुल सिंह, नगला जैली
जब तक शासन नगला हंसी से ग्राम राजेपुर कुर्रा तक पक्का बांध नहीं बनवाता, तब तक हर साल हमारी फसलें और घर ऐसे ही तबाह होते रहेंगे। यही हमारी स्थायी मांग है।-देवेंद्र सिंह ,नगला हंसी
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पशुओं के लिए हरा चारा मिलना बंद हो गया है। उन्हें खुले में बांधना पड़ रहा है, जहां बारिश में मवेशी भी बीमार पड़ रहे हैं।-नन्हे सिंह, नगला जैली
राशन और पीने के साफ पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है। बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए नाव का ही सहारा है, जो समय पर नहीं मिलती। -रुकुम सिंह, मूंझखेड़ा
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से- 121147 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से- 125970 क्यूसेक
नरौरा बैराज से - 96219 क्यूसेक
कछला ब्रिज- 162.64 मीटर के निशान पर
वर्जन-
बैराजों से पानी का प्रवाह बढ़ने से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। अभी और वृद्धि होने की आशंका है। जिले में स्थिति सामान्य है। सिंचाई विभाग अलर्ट पर है। - शरद सौरभ गिरी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई
फोटो 34- बाढ़ प्रभावित गांव मूंझखेड़ा में गलियों में पहुंचा बाढ़ का पानी। स्रोत संवाद
फोटो 34- बाढ़ प्रभावित गांव मूंझखेड़ा में गलियों में पहुंचा बाढ़ का पानी। स्रोत संवाद