कासगंज। जिले में ट्रांसपोर्टर नगर की स्थापना को 18 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक हरी झंडी नहीं मिली है। इसके चलते शहर के लक्ष्मीगंज, नावल्टी रोड और अन्य प्रमुख मार्गों पर ट्रांसपोर्ट के वाहन सड़क किनारे खड़े नजर आते हैं। इससे रोजमर्रा की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
जिले में ट्रांसपोर्टर नगर की स्थापना के लिए करीब तीन वर्ष पहले प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था, लेकिन किसी कारणवश इसे मंजूरी नहीं मिली। अब फिर से शहर के ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों ने ट्रांसपोर्टर नगर की स्थापना की मांग उठाई है।
ट्रांसपोर्ट कारोबारी कमल गुप्ता ने बताया कि यदि ट्रांसपोर्टर नगर की स्थापना हो जाए तो न तो सड़क किनारे वाहन खड़े करने की मजबूरी होगी और न ही शहर का यातायात अनावश्यक रूप से प्रभावित होगा। ट्रांसपोर्ट नगर बनने से ट्रक और अन्य भारी वाहनों के लिए अलग स्थान उपलब्ध होगा, जिससे आम वाहनों का आवागमन बिना किसी रुकावट के हो सकेगा। ट्रांसपोर्ट कारोबारी अजय गुप्ता ने बताया कि जिले में ट्रांसपोर्टर नगर की स्थापना होने से माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियां अधिक व्यवस्थित और तेजी से संचालित होंगी।
सड़क किनारे खड़े वाहनों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर नगर के निर्माण से शहर के लिए सुरक्षा, सफाई और यातायात की समस्या में काफी हद तक सुधार होगा।